होली के त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने एक सुविधा दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से तिरूवनंतपुरम सेंट्रल से मदार के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन खास तौर पर होली के मौके पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए शुरू की गई है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार यह स्पेशल रेलसेवा दो-दो ट्रिप में चलेगी। ट्रेन संख्या 06013 तिरूवनंतपुरम सेंट्रल से 4 मार्च और 11 मार्च को रवाना होगी। यह ट्रेन हर बुधवार सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर तिरूवनंतपुरम सेंट्रल से चलकर शुक्रवार को सुबह 11 बजे मदार पहुंचेगी। इसी तरह, वापसी में ट्रेन संख्या 06014 मदार से 7 मार्च और 14 मार्च को रवाना होगी और मंगलवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर तिरूवनंतपुरम सेंट्रल पहुंचेगी। कई राज्यों को जोड़ेगी ट्रेन, चित्तौड़गढ़ समेत कई स्टेशनों पर होगा ठहराव यह स्पेशल ट्रेन लंबा रूट तय करेगी और कई बड़े राज्यों को आपस में जोड़ेगी। ट्रेन केरल से शुरू होकर कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और अंत में राजस्थान तक पहुंचेगी। रास्ते में कोल्लम ज., कायमकुलम, मावेलिक्करा, चेंगन्नूर, तिरूवल्ला, चेंगनासेरी, कोट्टयम, एर्नाकुलम टाउन, आलुवा, त्रिशूर, षोरणूर जं., तिरूर, कोझिकोड, कन्नूर, कासरगोड, मेंगलुरू, सूरतकल, उडुपी, कुंदापुरा, बैंदूर मूकांबिका रोड, मुर्डेश्वर, कुमटा, कारवार, मडगांव, थिविम, सावंतवाडी रोड, कणकवली, रत्नागिरी, चिपलुन, खेड़, मानगांव, रोहा, पनवेल, वसई रोड, वापी, सूरत, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच जैसे बड़े स्टेशन आएंगे। राजस्थान में यह ट्रेन चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर और अजमेर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दक्षिण भारत से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत तक सीधा संपर्क देगी। । चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को राहत, लंबी वेटिंग से मिलेगी छुटकारा इस स्पेशल ट्रेन का फायदा चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को भी होगा। होली के समय दक्षिण भारत में काम करने वाले या पढ़ाई करने वाले लोग बड़ी संख्या में अपने घर लौटते हैं। ऐसे में नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग की समस्या सामने आती है। अब इस स्पेशल ट्रेन के चलने से यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। खासकर केरल, कर्नाटक और गोवा में काम करने वाले प्रवासी परिवारों को राहत मिलेगी। साथ ही व्यापार और पर्यटन के लिहाज से भी यह ट्रेन फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि यह कई बड़े औद्योगिक और व्यापारिक शहरों को जोड़ती है। 22 कोच की स्पेशल ट्रेन, पूरी तरह स्लीपर व्यवस्था रेलवे के अनुसार इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 डिब्बे लगाए गए हैं। इनमें 20 द्वितीय शयनयान (स्लीपर) कोच और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं। ज्यादा स्लीपर कोच होने से सामान्य और मध्यम वर्ग के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। होली के समय भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सुरक्षित और आरामदायक सफर कर सकें।
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