मुख्य बातें

बेटियों को भी बेटों के साथ बिठाकर ढूंढा गया: श्रीमाली समाज का ढूंढोत्सव, 8 बेटों के साथ 7 बेटियों को भी ढूंढा – Udaipur News




उदयपुर में श्रीमाली समाज के श्री संस्कार भवन में आयोजित ढूंढोत्सव कार्यक्रम में बेटियों को भी बेटों के साथ बिठा कर ढूंढा गया। दो-तीन दशक पूर्व की बात करें तो सिर्फ बेटे का जन्म होने के बाद पहली होली पर परिवार ढूंढोत्सव मनाया जाता था लेकिन पिछले कुछ वर्षो धीरे-धीरे बदलाव होने लगा और अब बेटियों को भी इस खास आयोजन में शामिल किया जा रहा है। श्रीमाली नवयुवक सेवा संस्थान द्वारा संस्कार भवन में आयोजित सामूहिक रूप से 15 बच्चों का ढूंढोत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 8 बेटे और 7 बेटियों को ढूंढा गया। बूआ की गोद में बच्चें और बच्चियों को बिठाया गया और फिर लकडियां बजाई गई। माना जाता हैं कि नवजात शिशुओं की सुख-समृद्धि और निडरता के लिए इस परंपरा को निभाया जा रहा है। समाज के सामूहिक ढूंढोत्सव कार्यक्रम में परिवार और समाज के सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रीमाली नवयुवक संस्थान के अध्यक्ष प्रकाश श्रीमाली ने इस अवसर पर ढूंढोत्सव की परंपरा और इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन समाज को एकजुट करने और कम खर्च में पारंपरिक संस्कार निभाने में सहायक होते हैं। उन्होंने बताया कि ढूंढोत्सव बच्चों के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और निर्भीकता के लिए किया जाता है, ताकि वे निडर होकर समाज में आगे बढ़ सकें। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि बेटियों के प्रति समाज में अब पिछले कई वर्षो से मध्यकालीन सोच में बदलाव नजर आ रहा हैं। बेटे को कुल का दीपक समझ कर अधिक महत्व देने वाली सोच अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है। बेटियों को भी अब उतना ही महत्व दिया जाने लगा, जितना बेटों को दिया जाता था। लकड़ियां बजाते हुए समाज के लोग ढूंढ के अवसर पर विशेष गीत हरिया बाग रे हरिया बाग…वागा जा रे बागा जा..गाते गए। संस्थान के पंकज लटावत ने धन्यवाद दिया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र दशोत्तर, भगवती लाल दशोत्तर, ललित दुर्गावत, उमेश श्रीमाली, कार्यक्रम संयोजक हेमेंद्र जगनावत, संरक्षक शांतिलाल ओझा और दिनेश लटावत, श्रीमाली युवा संगठन के प्रफुल्ल श्रीमाली मौजूद रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *