सुल्तानपुर में शादाब हत्याकांड के तीन दोषियों को अपर जिला जज (एडीजे) संध्या चौधरी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर कुल 2 लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा पाने वालों में वदूद और वसीम सगे भाई हैं, जबकि आफताब उनके परिवार का सदस्य है। यह घटना कोतवाली नगर के भुवापुर में पुरानी रंजिश के चलते हुई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने बताया कि भुवापुर निवासी शमशाद खां ने 4 मई 2018 को तड़के सवा एक बजे एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, 3 मई की शाम 7 बजकर 50 मिनट पर पुरानी रंजिश को लेकर वदूद, वसीम (पुत्रगण नसीम उर्फ नस्सम), आफताब (पुत्र जफर उल्ला) और वदूद का बेटा आदिल उनके घर के पास आ गए थे। आरोपियों के हाथों में बंदूक, रायफल, रिवाल्वर और अन्य असलहे थे। वे आते ही जान से मारने की धमकी देने लगे और हत्या करने के लिए ललकारा। इसी दौरान वदूद ने शमशाद के भतीजे शादाब को गोली मार दी। जब परिवार के लोग दौड़े, तो उन पर भी फायर किया गया। शादाब की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना को बिजली की रोशनी में रईस और तुफैल सहित कई लोगों ने देखा था। पुलिस ने नामजद आरोपियों को जेल भेजकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान एक आरोपी आदिल नाबालिग पाया गया, जिसका विचारण किशोर न्यायालय में चल रहा है। अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों को परीक्षित कराया, जबकि बचाव पक्ष ने एक गवाह पेश किया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया गया था और आज जेल से तलब कर सजा सुनाई गई।
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