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पंजाबी सिंगर बब्बू मान पुलिस के ‘ब्रांड एंबेसडर’: बोले: गानों में ही अच्छे लगते हैं हथियार-परचे, जेल में कोई अचार भी नहीं देता – Ludhiana News

पंजाबी सिंगर बब्बू मान पुलिस के ‘ब्रांड एंबेसडर’:  बोले: गानों में ही अच्छे लगते हैं हथियार-परचे, जेल में कोई अचार भी नहीं देता – Ludhiana News



पंजाबी सिंगर बब्बू मान गन कल्चर व हथियारों को प्रमोट करने वाले कई गीत गा चुके हैं। हालांकि अब वो ऐसे गीतों को गाने से परहेज करते हैं। बब्बू मान तो अब युवाओं को हथियारों से दूर देने के लिए प्रेरित करने लगे हैं। हाल ही में उन्होंने मलेरकोटला के लाइव शो में युवाओं को यहां तक कह दिया कि हथियार-परचे गानों में ही अच्छे लगते हैं, जेल में कोई अचार भी नहीं देता। पंजाब पुलिस ने इस क्लिप को अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड करके बब्बू मान को ब्रांड एंबेस्डर के तौर पर पेश किया है। पुलिस ने मान को एक ‘पॉजिटिव इन्फ्लुएंसर’ और ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश करते हुए युवाओं को गन कल्चर से दूर रहने का संदेश दिया है। पुलिस का मकसद युवाओं को यह समझाना है कि अपराध की राह पर चलने का अंजाम सिर्फ बर्बादी है। एंटी गन कल्चर मुहिम को किया प्रमोट
बब्बू मान ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ताकत को शिक्षा और रचनात्मक कार्यों की ओर मोड़ें। उन्होंने कहा कि असली बहादुरी समाज के लिए एक मिसाल बनने में है, न कि अपराध की दुनिया में नाम कमाने में। पंजाब पुलिस ने इस क्लिप के जरिए ‘एंटी-गन कल्चर’ मुहिम को प्रमोट करने की कोशिश की है, ताकि राज्य के युवा अपराध की चमक-धमक से प्रभावित होकर अपना भविष्य न बिगाड़ें। पुलिस ने सोशल मीडिया पर लिखी ये 2 अहम बातें… असल जिंदगी में हथियारों व परचों से दूर रहें: पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस क्लिप के साथ लिखा है कि एक पंजाबी गायक ने पंजाब की युवाओं को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि हथियारों और केस-मुकदमों (परचों) वाली बातें गानों में ही अच्छी लगती हैं, लेकिन इन्हें असल जिंदगी में नहीं अपनाना चाहिए। अपनी ऊर्जा को पॉजिटिव फील्ड में लगाएं: पुलिस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि बब्बू मान ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और अच्छे कार्यों में लगाएं। युवा समाज के लिए एक सकारात्मक मिसाल बनें। बब्बू मान की वीडियो में कही गई बातें सिलसिलेवार जानिए… अच्छी किताबें पढ़ो, अच्छी बातें करो: पंजाबी सिंगर ने मलेरकोटला में एक लाइव शो में यूथ से कहा कि अच्छी किताबें पढ़ो और अच्छी बातें करें। गलत रास्ते पर न जाएं उससे कुछ हासिल नहीं होता। असले वाले गीत सुन के यहीं छोड़ दिया करें: बब्बू मान ने कहा कि असले वाले गीत सुन के यहीं छोड़ दिया करो। ये बातें तो सिर्फ गानों में ही अच्छी लगती हैं। इसे अपने दिल व दिमाम में में न उतारें और उस रास्ते पर न चलें। पर्चा होने पर बाप भी नहीं बुलाता: बब्बू मान ने शो के दौरान कहा कि जब पर्चा हो जाता है तो न घर में बाप बुलाता है और न ही पड़ोसी बात करता है। जेल होने पर अपने ही दूर हो जाते हैं और कोई सही तरीके से मिलता तक नहीं है। जेल में कोई अचार देने नहीं आता: बब्बू मान ने कहा कि पर्चे होने के बाद जेल होती है। जेल में कोई पंजीरी देने नहीं आता है। किसी को फोन करोगे कि भाई जरा अचार भेजे देते। उसके बाद दो ताने सुनने को मिलेंगे और कोई जेल में अचार देने नहीं आएगा। अपनों के लिए लड़ना सीखो: बब्बू मान ने वीडियो के अंत में कहा कि अपने लिए लड़ोगे तो तुम्हें तुम्हारा गांव ही जानेगा या तुम्हारा अहम जानेगा। अपनों के लिए लड़ोगे तो दुनिया जानेगी, सम्मान करेगी और सतकार देगी। अच्छे कर्म करो।
गन कल्चर को लेकर पंजाब पुलिस की लेटेस्ट गाइडलाइंस …. हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन बैन: सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि), शादी-समारोहों, धार्मिक स्थलों या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित है। गानों में हिंसा पर रोक: ऐसे गाने जो हथियारों, हिंसा या गैंगस्टर कल्चर का ग्लोरिफाई करते हैं, उन पर सख्त पाबंदी है। गायक और प्रमोटर दोनों पर कार्रवाई हो सकती है। हथियारों के लाइसेंस की समीक्षा: राज्य में जारी सभी पुराने लाइसेंसों की समीक्षा की जा रही है। बिना ठोस कारण के हथियार रखना अब मुश्किल होगा। सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस का साइबर सेल व सोशल मीडिया सेल समय-समय पर संदिग्ध लोगों के सोशल मीडिया प्रोफाइल चेक करते रहेंगे। जहां भी गन कल्चर को प्रमोट किया जा रहा हो उस पर कार्रवाई की जाती है। हाल ही में कुछ ऐसे मामले दर्ज भी हुए हैं। गन कल्चर प्रमोट करने पर कानूनी कार्रवाई और सजा BNS की धारा 223 के तहत एफआईआर: अगर कोई व्यक्ति गन कल्चर को प्रमोट करता है या हथियारों का प्रदर्शन करता है, तो उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 व सरकारी आदेश की अवहेलना करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इन धाराओं के तहत 1 से 6 महीने तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। आर्म्स एक्ट की धारा 29 और 30: लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने पर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 29 व 30 के तहत पर्चा दर्ज किया जाता है। इसमें 6 महीने से 2 साल तक की जेल और भारी जुर्माना लग सकता है। साथ ही लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है। बब्बू मान के वे गीत जिनमें हथियारों का जिक्र रहा कब्जा : “जमीनें जट्ट ना डाहंदे, वेख ले कर के कब्जा” पांव बिंदी: “पांव बिंदी तां चलदी ऐ, जदों जट्ट चोबरे चढ़दा” पिस्टल: “पिस्टल तां शौकीन ना, ओथे गबरू तंग नहीं करदे” मिट्टी: “मिट्टी दी बू आए, ओही रूह पंजाब दी” दुश्मनी: “दुश्मनी गबरूआं, ऐवें नहीं कट्टी जंदी”



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