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पंजाब की सिख लड़कियों में बनाया जा रहा मुस्लिम: 10 हजार पाउंड का लालच, पहले दोस्ती फिर सेक्स-ब्लैकमेलिंग, युवती ने वीडियो पर बताई कहानी – Jalandhar News

पंजाब की सिख लड़कियों में बनाया जा रहा मुस्लिम:  10 हजार पाउंड का लालच, पहले दोस्ती फिर सेक्स-ब्लैकमेलिंग, युवती ने वीडियो पर बताई कहानी – Jalandhar News

पंजाब से यूके गई सिख लड़कियों को पाकिस्तानी युवक 10 हजार पाउंड का आफर देकर ग्रुमिंग कर रहे हैं। ग्रूमिंग गैंट के टारगेट पर पहला नंबर सिख, फिर हिंदू और इसके बाद अन्य धर्म की लड़कियों का है। हिंदू धर्म की लड़की को ग्रूम कर मुस्लिम बनाने के लिए 5 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं। सिख अवेयरनैस सोसायटी यूके का दावा है कि पिछले 5 साल में 200 से ज्यादा ऐसे केस आ चुके हैं जिनमें सिख लड़कियों को ग्रूमिंग गैंग ने अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन करवाया है। ताजा दावा मनजीत सिंह यूके नाम के एक्स हैंडल से 17 मार्च को किया गया है। यहां सिख लड़की ने वीडियो में बताया कि पाकिस्तानी लड़के सिख लड़कियों को टारगेट कर रहे हैं। उन्हें महंगे गिफ्ट देकर दोस्त बनाया जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे ड्रग्स और शराब की लत लगाई जाती है। सेक्सुअल रिलेशन बनाकर वीडियो बना लिया जाता है और फिर ब्लैकमैल कर धर्म परिवर्तन करवाया जाता है।
1 महीने पहले 100 सिख युवकों ने सिख लड़की को पाकिस्तानियों के चंगुल से छुड़ाया था। उस लड़की की मां ने यूके के चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि शक होने पर उसने बेटी के बैग में ट्रैकर लगा दिया। उसकी बेटी रात को 3 या 4 बजे के करीब उठकर चली जाती थी। उसने देखा कि वह मुस्लिम लड़कों के हॉस्टल में जाती। वहां उसे ड्रग्स दिया जाता।
लड़की का कुछ महीनों में विहेवियर चेंज हो गया। वह घर पर अपना नाम मुस्लिम रखने की जिद करने लगी। इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने कुछ नहीं किया तो सिख युवकों से बेटी को ग्रूमर के चंगुल से छुड़ाया गया। लड़की ने ग्रूमिंग गैंग के बारे में कहीं 3 अहम बातें… वीडियो में सिख लड़की ने जो बताया, पढ़े पूरी कहानी… यह वीडियो न तो नफरत फैलाने के लिए है और न ही किसी धर्म पर चर्चा करने के लिए है, बल्कि यह यूके में चल रहे उन ग्रूमिंग गैंग्स के बारे में है, जिनके बारे में आपने बार-बार सुना होगा कि वहां सिखों की लड़कियों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसमें सबसे पहले कम उम्र की लड़कियों और भारत या अन्य देशों से नए आए लोगों को, जिन्हें ज्यादा जानकारी नहीं होती, बड़े-बड़े सपने दिखाकर फंसाया जाता है और शुरू में अपनी पहचान छिपाकर दोस्ती की जाती है, फिर बड़ी गाड़ियों में घुमाकर और बाद में वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है कि हमारे पास गैंगस्टर हैं जो आपकी जान ले लेंगे और इस तरह डरा-धमकाकर निकाह या धर्म परिवर्तन कराया जाता है। इन गैंग्स में सिख लड़की का धर्म परिवर्तन कराने पर 10 हजार पाउंड और हिंदू या ईसाई लड़की के लिए 5 हजार पाउंड दिए जा रहे हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि किसी भी समुदाय के 1-2 गलत लोगों की वजह से पूरी कौम या धर्म को बुरा नहीं कहा जाना चाहिए क्योंकि कोई भी धर्म बुरा नहीं होता बल्कि उसमें कुछ लोग बुरे होते हैं, इसलिए इस हकीकत को पहचानें और अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा करें। सिख संगठन ग्रूमिंग गैंग के खिलाफ खोल रहे मोर्चा
सिख संगठनों सिख यूथ यूके, सिख अवेयरनेस सोसाइटी, सिख प्रेस एसोसिएशन ने पिछले 10 साल से ग्रूमिंग गैंग को लेकर डॉक्यूमेंटेशन की है। वे बताते हैं कि बॉयफ्रेंड बनकर शुरूआत होती है। इसके बाद लड़की को परिवार से अलग-थलग कर दिया जाता है। उसके साथ रिलेशन बनाने के बाद उसे ब्लैकमेल किया जाता है। कई बार सामूहिक शोषण भी किया जाता है। सिख एक्टिविस्ट्स ने कई बार पुलिस के रवैए को लेकर भी गुस्सा जताया है और खुद कार्रवाई की है। इसमें जनवरी 2026 का हाउंसलो मामला भी है। इसमें 16 वर्षीय सिख लड़की को 30 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति से बचाया गया। 200 के करीब सिख समुदाय के लोगों ने युवक के घर के बाहर इकट्ठे होकर हंगामा कर लड़की सुरक्षित निकाला था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार करवाया था। मां ने बेटी के फंसने की बताई पूरी कहानी…
16 साल की बेटी मुस्लिम नाम रखने की जिद्द करने लगीः 2026 हाउंसलो केस में मां ने एक इंटरव्यू में में बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी को कुछ महीनों से 34 वर्षीय अफगान मूल के ग्रूमर और उसके फ्लैट में रहने वाले 4 अन्य आदमियों ने जाल में फंसा लिया। उसे ड्रग डीलिंग का शक था इसलिए उसने बेटी के बैग में ट्रैकर और रिंग डोरबेल कैमरा लगा दिया। इससे पता चला कि बेटी रात 4-5 बजे घर से चुपके निकल जाती, वापस लौटते समय शरीर पर चोटें, जलन के निशान, लाल आंखें और ड्रग्स का असर दिखता। उसका खाना-पीना बदल गया था। वह मुस्लिम नाम रखना चाहती थी और इस्लाम अपनाने की बात करने लगी। फ्लैट में अन्य बच्चे भी आते-जाते थे। पुलिस को सूचना दी लेकिन उसने कार्रवाई करने में देरी कर दी। इसके बाद सिख युवकों से मदद ली। 200 के करबी सिख युवकों ने दबाव बनाकर बेटी को बचाया और आरोपी गिरफ्तार हुआ। मां ने कहा कि माता-पिता बच्चों को फोन न दें या ट्रैकर लगाएं। सिख धर्म सिखाएं, गुरुद्वारा लेकर जाएं और ब्रेनवॉशिंग से बचाएं।



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