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मोहाली जिले के जीरकपुर में एक युवक-युवती ने खुद को अनाथ और जरूरतमंद बताकर एक व्यक्ति का भरोसा जीता और फिर 7 ताख नकद और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच अस्पताल में रोटरी सराय और कैंटीन के मालिक 45 वर्षीय बलजीत यादव ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि मई 2025 में होशियारपुर के बाजवारा गांव की रब्बी उर्फ सरोज और दोलनवाल गांव के गुरविंदर सिंह उनके संपर्क में आए। दोनों ने खुद को भाई-बहन बताते हुए कहा कि उनके माता-पिता की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। सराय में रहने की दी थी अनुमति बलजीत यादव ने मानवीय आधार पर उन्हें सराय में रहने और कैंटीन में काम करने की अनुमति दी। लगभग आठ महीनों तक दोनों ने उनका भरोसा जीता और धीरे-धीरे उनके घर आना-जाना भी शुरू कर दिया। 7 मार्च 2026 को जब बलजीत यादव अपने परिवार के साथ ड्यूटी पर थे, उसी दौरान उनके घर से चार सूटकेस गायब हो गए। बेटे द्वारा सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर सामने आया कि गुरविंदर सिंह और सरोज टैक्सी में सामान लेकर फरार हो गए हैं। आरोपियों ने बनाया झूठा बहाना पीड़ित के अनुसार, आरोपी करीब 7 लाख रुपए नकद, तीन पासपोर्ट, एक सोने की चेन, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य घरेलू सामान लेकर भागे हैं। आरोपियों ने फोन पर झूठा बहाना बनाया कि वे गांव जा रहे हैं और सुबह सामान लौटा देंगे, लेकिन इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। जांच के दौरान जब पीड़ित आरोपियों के बताए पते पर पहुंचे, तो पता चला कि गुरविंदर के माता-पिता जीवित हैं और उनकी पूरी कहानी झूठी थी। युवती ने भी अपने परिवार के बारे में गलत जानकारी दी थी। थाना जीरकपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
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