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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में महुआ बीनने के विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर का है, जहां जमीन और महुआ पेड़ के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। महुआ बीनने से मना करने पर हुआ हमला अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि, पीतांबर यादव और आरोपी खेमराज यादव सगे भाई थे। जमीन का बंटवारा होने के बाद भी महुआ पेड़ को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन पीतांबर यादव अपने परिवार के साथ गांव के कुधरीडॉड़ इलाके में महुआ बीनने गया था। इसी दौरान आरोपी खेमराज यादव वहां पहुंचा और महुआ नहीं बीनने देने की बात कहकर झगड़ा करने लगा। पेट में चाकू मारकर कर दी हत्या विवाद के दौरान आरोपी ने गुस्से में आकर अपने छोटे भाई पीतांबर यादव के पेट में चाकू से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीतांबर यादव मौके पर ही गिर गया और उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद इस मामले की विवेचना तत्कालीन उप निरीक्षक रामाधार उपाध्याय ने की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत चालान पेश किया। सुनवाई के बाद अभिषेक शर्मा की अदालत ने आरोपी खेमराज यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। पत्नी को मुआवजा देने की अनुशंसा न्यायालय ने मृतक पीतांबर यादव की पत्नी को 1 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि देने की अनुशंसा भी की है। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को निर्देशित किया गया है।
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