सोनीपत जिले के गांव राठधना के दो होनहार युवाओं आशीष और सुमित सरोहा ने देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक ओर जहां आशीष ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 590वीं रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा की ओर कदम बढ़ाया। वहीं सुमित सरोहा ने गुजरात ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा में 54वीं रैंक प्राप्त कर न्यायिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। इन दोनों युवाओं की उपलब्धि पर रविवार को गांव में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं ने भाग लेकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और हर कोई इनकी सफलता पर गर्व महसूस करता नजर आया। सुमित सरोहा बोले-मेहनत और निरंतरता का परिणाम सुमित सरोहा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि न्यायिक सेवा में सफलता हासिल करना उनका सपना था। जिसे उन्होंने लगातार प्रयासों से पूरा किया। सुमित इससे पहले दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ज्यूडिशियरी परीक्षाओं के मेन्स भी दे चुके हैं, जिससे उन्हें अनुभव और आत्मविश्वास मिला। शिक्षा और मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि सुमित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिंदू विद्यापीठ से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और एसआरएम यूनिवर्सिटी से एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। उनका परिवार भी शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। उनके भाई अमित सरोहा एम्स में एमडी रेडियोलॉजिस्ट (रैंक 15) हैं। बहन रेणु सरोहा एमडी पीडियाट्रिशियन हैं और आरती सरोहा दिल्ली में सरकारी अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। परिवार और मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी सुमित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जगबीर सरोहा, माता और पूरे परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और नैतिक समर्थन के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि वे भविष्य में गंभीर अभ्यर्थियों की मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। आशीष ने यूपीएससी में 590वीं रैंक हासिल की गांव राठधना के ही निवासी आशीष ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 590वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर भी गांव में भव्य स्वागत किया गया और लोगों ने उन्हें बधाई दी। उच्च शिक्षा से बनाई मजबूत नींव आशीष ने वर्ष 2014 में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद हंसराज कॉलेज से बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्र और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। उनकी यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उनकी सफलता में महत्वपूर्ण साबित हुई। गांव में जश्न का माहौल, युवाओं को मिली प्रेरणा सम्मान समारोह के दौरान पूरे गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों और वक्ताओं ने दोनों युवाओं की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी सफलता से गांव के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, लक्ष्य के प्रति समर्पण और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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