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चंडीगढ़ ब्लास्ट में NIA ,रॉ-AGTF की छापेमारी: आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस पर, एक की महिला साथी को हिरासत में लिया – Chandigarh News

चंडीगढ़ ब्लास्ट में NIA ,रॉ-AGTF की छापेमारी:  आरोपियों के मोबाइल सर्विलांस पर, एक की महिला साथी को हिरासत में लिया – Chandigarh News

चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय में ब्लास्ट करने वाले हमलावरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। चंडीगढ़ की एजीटीएफ, पंजाब एजीटीएफ और पंजाब की लोकल पुलिस आरोपियों के पीछे लगी हुई हैं। एक की महिला साथी को पुलिस बुडै़ल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं अब पता चला है कि NIA, रॉ और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमें भी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। क्योंकि मामला ग्रेनेड हमले का है और जांच में सामने आया है कि यह पाकिस्तान में बनाया गया है, उसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पल-पल की जानकारी केंद्र सरकार को भी दी जा रही है। बीते बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई। चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का नहीं कोऑर्डिनेशन
चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का कोऑर्डिनेशन नहीं हो रहा है। सूत्रों से पता चला है कि चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट पर फायरिंग के मामले में और सेक्टर 9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की हत्या के केस में पंजाब एजीटीएफ ने आरोपियों को पकड़ा, जिसके चलते चंडीगढ़ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। इसी के चलते अब चंडीगढ़ के डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुड्डा की सुपरविजन में एजीटीएफ का गठन किया गया। अब चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को पंजाब पुलिस से पहले पकड़ना चाहती है, जिसके चलते आपस में कोऑर्डिनेशन नहीं हो रहा है और इसी का फायदा आरोपी उठा रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि चंडीगढ़ एजीटीएफ के पास सबसे पहले सूचना थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सबसे पहले खरड़ में रेड की। उसके बाद पंजाब के गांव रतनगढ़ में गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे आरोपी अमनदीप के घर पहुंची, लेकिन वहां अमनदीप नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी मां अमर कौर (80) और उसकी पत्नी जसप्रीत कौर का फोन अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस अमनदीप के पिता को अपने साथ ले आई। पंजाब पुलिस ने लगा रखा था फोन सर्विलांस पर
चंडीगढ़ पुलिस के बाद शाम को पंजाब पुलिस की टीम अमनदीप के घर पहुंची। पता चला है कि पंजाब एजीटीएफ ने अमनदीप का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा रखा था और मोबाइल फोन पर बात हुई थी कि सामान घर में पड़े ट्रक में रखा हुआ है। इसके बाद पुलिस घर पहुंची और घर वालों से ट्रंक के बारे में पूछा कि वह कहां है। जब ट्रक को खोला गया तो उसके अंदर से एक पीला लिफाफा मिला, जिसके अंदर कारतूस मिले। सूत्रों से पता चला है कि फरार आरोपियों के पास ग्रेनेड और रिवॉल्वर भी हो सकते हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि दूसरा आरोपी गुरतेज है। उसके घर भी चंडीगढ़ पुलिस पहले पहुंची थी, जहां उसके मां-बाप मिले और उन्होंने बताया कि उनका बेटा नशेड़ी है और काफी समय से घर नहीं आ रहा था। बुधवार रात को ही वह घर आया था। वह चंडीगढ़ में किसी महिला मित्र के साथ रहता है और रैपिडो चलाता है। उन्होंने उसे बेदखल कर रखा है। इसके बाद पंजाब पुलिस भी दूसरे आरोपी गुरतेज के घर पहुंची और वहां से उसके बड़े भाई को अपने साथ ले गई। सूत्रों के अुनसार, ब्लास्ट की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी गुरतेज की महिला साथी को पुलिस बुडै़ल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावा
इससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। ऐसे जांच में उलझी रही चंडीगढ़ पुलिस
सूत्रों के मुताबिक आरोपी सेक्टर-24 (जहां पर VIP रहते हैं) में सड़क किनारे बने बस स्टॉप पर खड़े होकर बस का इंतजार करने लगे, जैसे ही CTU की बस आई उसमें बैठ गए और सेक्टर-43 बस स्टैंड पर उतर गए। इसके बाद वहां से खरड़ की बस ली। चंडीगढ़ पुलिस की जांच में सामने आया कि इन दोनों आरोपियों के पास 20-20 रुपए थे। जबकि किराया ज्यादा लगा था। जिसके बाद उनमें से एक ने बस में मौजूद एक शख्स को गूगल-पे के जरिए पैसे दिए और उसे कैश कुछ पैसे ले लिए, जो किराया उसने बस कंडक्टर को दिया। बीजेपी ऑफिस के साथ लगते पेट्रोल पंप से चंडीगढ़ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ली थी। उसमें एक बाइक पर दो शख्स सवार होकर जा जाते दिखे, जिसकी जांच में ही पुलिस उलझी रही। लेकिन आरोपी सड़क पार कर सामने सेक्टर-24 की तरफ से बस में बैठकर भा गए थे। इसी कारण आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के हाथ नहीं लगे। रिटायर्ड SP से जानिए चंडीगढ़ पुलिस का सिस्टम पहले कैसे होता था…



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