बड़वानी के अंजड़ नगर परिषद में पेयजल योजना के नाम पर हुए घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ओम खंडेलवाल पर भी FIR दर्ज की है। इस मामले में 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। यह पूरा मामला साल 2016 का है। उस समय अंजड़ के करीब 2700 घरों में नल कनेक्शन देने के लिए 12 लाख 28 हजार रुपए से ज्यादा की योजना मंजूर हुई थी। आरोप है कि ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलकर योजना में जमकर धांधली की। पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन न तो घरों में नल के मीटर लगे और न ही आज तक किसी के घर पानी पहुंचा। उस समय योजाना का काम ठेकेदारे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष को मिला था। इन लोगों पर कार्रवाई EOW ने इस मामले में तत्कालीन रसूखदारों और अफसरों को आरोपी बनाया है। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष और ठेकेदार ओम खंडेलवाल। भाजपा की पूर्व अध्यक्ष मंजुला राकेश पाटीदार और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष पुष्पा परमार। तीन पूर्व सीएमओ (सुरेंद्र सिंह पवार, अमरदास सैनानी, मायाराम सोलंकी)। इंजीनियर दिनेश पटेल और लेखापाल हुकुमचंद मालवीय। ठेकेदार परेश सोरठिया और मिनेष मकवाना। पार्षद और ग्रामीणों ने खोली पोल वार्ड नंबर 3 के पार्षद जीतेंद्र परमार ने बताया कि जब EOW की टीम जांच करने आई थी, तब उन्होंने साफ कहा कि पूरे गांव में पाइपलाइन अधूरी पड़ी है। कहीं भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई और मीटरों का कहीं पता नहीं है। शिकायतकर्ता दीपेश ठाकुर ने भी आरोप लगाया कि सालों की शिकायतों के बाद अब जाकर प्रशासन जागा है। धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज EOW की डीएसपी मधु राठौर के मुताबिक, इन सभी आरोपियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया है। इन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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