हरियाणा के पंचकूला में शुक्रवार को पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश सरकार को किसानों, बैंकिंग घोटाले तथा श्रमिकों के डेली वेज बढ़ाए जाने के मुद्दे को लेकर घेरा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सीएम नायब सैनी को अधिकारी गुमराह कर रहे हैं, उन्हें सही तथ्यों से दूर रखा जा रहा है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में किसानों की 17 लाख MT गेंहू की फसल मंडियों में आ चुकी है, जबकि खरीद केवल करीब 4 मीट्रिक टन की हुई है। खरीद का भी बेहद कम प्रतिशत किसानों को भुगतान नहीं हुआ है। क्योंकि मंडियों में उठान नहीं हो पा रहा है। दुष्यंत चौटाला ने झज्जर की मंडी का उदाहरण देते हुए बताया कि उठान नहीं होने के कारण जेसीबी की सहायता से उसे उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बॉयोमेट्रिक की वजह से भी किसानों को दिक्कतें आ रही हैं। बैंकिंग घोटाले के असली जिम्मेदारों पर नहीं कार्रवाई हरियाणा बैंक घोटाले में केवल बैंक कर्मियों और छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। CBI ने अगर सही तरीके से जांच की, तो उस में उन IAS अधिकारियों के नाम भी सामने आएंगे, जिन्होंने इनोवा-कैश और गोल्ड गिफ्ट में लिए हैं। राजनीति संरक्षण भी बैंकिंग घोटाले में दिखाई दे रहा है। इसमें भाजपा के पदाधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। सीएम को पूरे मामले पर सफाई देनी चाहिए। वेज बढ़ाने में भी हुआ खेल अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को मौजूदा ₹11 हजार 257 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹15 हजार 220 प्रतिमाह करने में सरकार ने मजदूरों के साथ खेल किया है। अगर सरकार 15 हजार रुपए करती, तो सभी मजदूर पीपीपी के 1.80 लाख रुपए के दायरे में आते, लेकिन 220 रुपए अतिरिक्त देकर उनके BPL सहित तमाम अधिकार छीन लिए गए। ऐसे में सरकार को ऐसे मजदूरों के साथ छल करने की बजाए इन्हें पीपीपी के दायरे में कवर करना चाहिए।
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