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टीएस सिंहदेव बोले-सरकार का मकसद महिलाओं को आरक्षण देना नहीं: पुराना-बिल लागू करने की मांग; पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा-वर्तमान सीट पर लागू किया जाए – Ambikapur (Surguja) News

टीएस सिंहदेव बोले-सरकार का मकसद महिलाओं को आरक्षण देना नहीं:  पुराना-बिल लागू करने की मांग; पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा-वर्तमान सीट पर लागू किया जाए – Ambikapur (Surguja) News

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद सियासी पारा हाई हो गया है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि सरकार का मकसद महिलाओं को आरक्षण देना नहीं है। महिला आरक्षण बिल 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन एनडीए सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि पुराना बिल (महिला आरक्षण) लागू कर दिया जाए। भाजपा इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने की सरकार की मंशा नहीं है। हमारी मांग है कि इसे तत्काल लागू किया जाए। इसे वर्तमान सीट संख्या पर लागू किया जाए। नई जनगणना जो शुरू हुई है, इसके आंकलन के बाद जो सीट संख्या बनेगी, उसपर बाद में लागू करें। इस बात को सदन में भी कहा गया, लेकिन सरकार ने नहीं मानी। उन्होंने यह भी बातें सरगुजा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा। संविधान का हिस्सा है महिला आरक्षण टीएस सिंहदेव ने कहा कि साल 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण बिल अब संविधान का हिस्सा है। कांग्रेस की महिलाएं भी अपने आरक्षण की मांग को लेकर आगे आने वाली हैं। कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी और इसकी शुरुआती बैठकों से ही महिलाएं इसका हिस्सा रही हैं। आजादी के संग्राम में भी महिलाओं की लगातार भागीदारी रही। देश को पहली महिला प्रधानमंत्री और महिला राष्ट्रपति कांग्रेस के शासनकाल में ही मिले। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पंचायती राज, नगरीय निकायों और सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण कांग्रेस पार्टी ने दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया गया है। साथ ही बिहार में महिलाओं को जो राशि दी गई है, वह अनुदान नहीं, बल्कि ऋण (लोन) के रूप में है। राज्यों में सीट काटने की साजिश, इसलिए गिरा बिल सिंहदेव ने कहा कि भाजपा संसदीय सीटें आबादी के हिसाब से बढ़ाना चाहती है। इसमें दक्षिण भारत के राज्य, जहां गैर हिंदी भाषी हैं और वहां जनसंख्या नियंत्रण ज्यादा प्रभावी रहा है, उनका प्रतिनिधित्व कम करने की साजिश थी। इसके कारण कथित महिला आरक्षण बिल संसद में गिरा। इस छलावे को सरकार दूसरे स्वरूप में पेश कर रही है। जो कहते हैं, करते नहीं हैं टीएस सिंहदेव ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में फर्क है। उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा का जिक्र करते हुए कहा कि एक ओर सरकार 32 हजार नए शिक्षक देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर स्कूल बंद किए जा रहे हैं। स्कूलों में शिक्षकों की संख्या भी कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब शासन की व्यवस्थाएं चुनाव का मुद्दा बन चुकी हैं। सिंहदेव ने दावा किया कि अगर कांग्रेस की सरकार आती है, तो स्कूल भी खोले जाएंगे और पर्याप्त संख्या में शिक्षक भी दिए जाएंगे। साथ ही, स्वास्थ्य, बिजली और धान खरीदी की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। टीएस सिंहदेव ने कहा कि नारी वंदन योजना को भाजपा ने कांग्रेस से लिया है, जिसे पहले वह खुद ‘रेवड़ी’ कहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले सब्सिडी के खिलाफ थी। भाजपा महिलाओं के साथ धोखाधड़ी कर रही है। उनके मुताबिक, पार्टी की मंशा पश्चिम बंगाल चुनाव में इसका फायदा लेने की थी, लेकिन वह कोशिश विफल रही।



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