औरंगाबाद के नवीनगर स्थित भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड (बीआरबीसीएल) के आनंदा अतिथि गृह में आज कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक रंजन देहुरी की प्रेस वार्ता आयोजित की गई। देहुरी ने बीआरबीसीएल की स्थापना, कार्यप्रणाली और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं में इसकी भूमिका पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी लिमिटेड और भारतीय रेल के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित बीआरबीसीएल आज ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण इकाई बन चुकी है। नवीनगर थर्मल पावर प्लांट में 250 मेगावाट क्षमता की चारों इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, जो निरंतर बिजली उत्पादन कर रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों को लेकर उन्होंने बताया कि कंपनी ने 6089.99 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया। इस दौरान स्टेशन डीसी 87.95 प्रतिशत और प्लांट लोड फैक्टर 69.52 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष में बीआरबीसीएल को लगभग 350 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस साल 400 करोडं रुपए का मुनाफा होने का अनुमान है। पर्यावरणीय जिम्मेदारी के तहत राख उपयोग 132.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो कंपनी की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बीआरबीसीएल को अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार हासिल हुए हैं। इनमें सब-क्रिटिकल श्रेणी में चैंपियंस ट्रॉफी, पावर जेन मीट अवार्ड्स में वाटर मैनेजमेंट अवार्ड और ग्रीनटेक फाउंडेशन की ओर से कॉर्पोरेट लीडरशिप अवार्ड शामिल हैं। इसके अलावा जनसंपर्क और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के क्षेत्र में भी कंपनी को पीआरसीआई एक्सीलेंस अवार्ड्स में चार सम्मान मिले हैं। सीएसआर गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए देहुरी ने बताया कि बीआरबीसीएल परियोजना-प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर विकास काम कर रही है। परियोजना प्रभावित 16 गांव में 16 तालाबों का निर्माण कराया गया है। इन गांवों में सड़कों का निर्माण, सोलर हाई मास्ट लाइट की स्थापना, डायग्नोस्टिक सेंटर और आईटीआई संस्थान की स्थापना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। सशक्तिकरण अभियान चलाना भी कंपनी की प्रमुख पहल साथ ही, टीबी मरीजों को न्यूट्रिशन कीट उपलब्ध कराना और बालिकाओं के लिए सशक्तिकरण अभियान चलाना भी कंपनी की प्रमुख पहल में शामिल है। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदाय के 51 परिवारों को सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची थी। सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराए जाने पर ग्रामीणों में खुशी है। बीआरबीसीएल की स्थापना साल 2008 में भारतीय रेल और एनटीपीसी के बीच हुए समझौते के बाद हुई थी। नवीनगर में स्थापित इस पावर प्लांट के लिए करीब 1526 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। संयंत्र को पानी की आपूर्ति सोन नदी से और कोयले की आपूर्ति झारखंड के सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड से की जाती है। उत्पादित बिजली का 90 प्रतिशत हिस्सा भारतीय रेल को और 10 प्रतिशत बिहार राज्य को दिया जाता है। सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी बीआरबीसीएल लगातार सक्रिय है। कंपनी की ओर से परियोजना-प्रभावित गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्कूलों के विकास, पेयजल सुविधा, सामुदायिक भवन निर्माण, सड़कों का सीमेंटीकरण और तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे काम किए गए हैं। इसके अलावा युवाओं और महिलाओं के लिए विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण जैसे सिलाई, ब्यूटीशियन, डेटा एंट्री, मधुमक्खी पालन और वर्मी कम्पोस्ट प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बालिका सशक्तिकरण अभियान के तहत 10 से 12 साल की बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, योग, कला और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को बीआरबीसीएल टाउनशिप स्कूल में निशुल्क प्रवेश भी दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट वैन की शुरुआत की गई है, जिससे ग्रामीणों को उनके घर के पास ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा , बीआरबीसीएल की ओृर से नवीनगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का निर्माण किया गया है, जिसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर पांच डायग्नोस्टिक सेंटरों के निर्माण का काम भी प्रगति पर है।
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