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पंजाब में माइनिंग फंड का नया मास्टर प्लान: खनन प्रभावित इलाकों पर खर्च होगा 70% पैसा, हर जिले में बनेगा डीएमएफ – Chandigarh News

पंजाब में माइनिंग फंड का नया मास्टर प्लान: खनन प्रभावित इलाकों पर खर्च होगा 70% पैसा, हर जिले में बनेगा डीएमएफ – Chandigarh News



पंजाब सरकार ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां के लोगों के कल्याण के लिए नई नियमावली लागू कर व्यापक ढांचा तैयार किया है। इसके तहत अब हर जिले में जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) ट्रस्ट का गठन होगा और खनन पट्टा धारकों को रॉयल्टी के अलावा 33.33% अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी। इस फंड का उपयोग सीधे तौर पर खनन प्रभावित इलाकों के विकास और वहां के निवासियों के कल्याण पर किया जाएगा। इन क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प के लिए राज्य स्तर पर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। नई व्यवस्था में डीएमएफ फंड के उपयोग को प्राथमिकता के आधार पर बांटा गया है। कम से कम 70% राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर खर्च करना अनिवार्य होगा। इसमें पेयजल आपूर्ति के लिए जल शुद्धिकरण और पाइपलाइन, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के तहत हेल्थ सेंटर, स्कूलों में लैब-लाइब्रेरी, शिक्षकों की व्यवस्था, तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपकरण और जल स्रोतों का संरक्षण शामिल हैं। {शेष पेज 9 पर वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी Q. डीएमएफ क्या है? खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाया गया जिला स्तरीय फंड। Q. पैसा कहां से आएगा? खनन कंपनियों/पट्टा धारकों से रॉयल्टी के अलावा 33.33% अतिरिक्त। Q. सबसे ज्यादा खर्च किस पर होगा? पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यावरण। कम से कम 70% उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पर। Q. लोगों को क्या फायदा? साफ पानी, बेहतर अस्पताल-स्कूल, रोजगार और पर्यावरण सुधार होगा। Q. निगरानी कैसे होगी? पोर्टल पर पूरी जानकारी, कैग द्वारा ऑडिट। Q. प्रभावित क्षेत्रों की परिभाषा कैसे तय नई नियमावली में इनकी स्पष्ट परिभाषा भी तय की गई है। खान से 15 किमी तक के दायरे में आने वाले गांवों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित और 25 किमी तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित माना जाएगा। यह व्यवस्था अब ‘पंजाब जिला खनिज फाउंडेशन नियम, 2018’ की जगह लेगी।



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