रायसेन के धनोरा गांव में गुरुवार दोपहर नरवाई में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। यह आग बिजली की चिंगारी से भड़की और तेज हवा के कारण तेजी से फैलते हुए गांव तक पहुंच गई। आग फैलने से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं पहुंची। इसके बाद गांव के समाजसेवी मनोहर मेहरा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने की जिम्मेदारी संभाली। ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों में कल्टीवेटर लगाकर खेतों की जुताई की, ताकि आग की रफ्तार को रोका जा सके। कई ग्रामीणों ने अपने घरों से पानी की मोटर और जनरेटर निकालकर आग बुझाने में सहयोग किया। ग्रामीणों ने दूर-दूर से पानी लाकर सामूहिक प्रयासों से आग पर काबू पाया। शाम करीब 6 बजे तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इस दौरान हरे-भरे पेड़ झुलस गए और किसानों के आंगन में रखी कटी हुई गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा। आग बुझाने के दौरान एक किसान झुलस गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खेतों में रखे कृषि यंत्र और पाइप भी आग की चपेट में आने से किसानों को आर्थिक क्षति हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को फोन किए, लेकिन किसी ने भी कॉल रिसीव नहीं किया और न ही मौके पर कोई मदद पहुंची। देखे आग लगने के बाद की तीन तस्वीरें ग्रामीणों का कहना है कि यदि फसल की तुलाई समय पर हो गई होती, तो नुकसान कम हो सकता था। हालांकि, ग्रामीणों की सूझबूझ और एकजुटता से एक बड़ी घटना टल गई।
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