तेलंगाना के वारंगल जिले में बस ड्राइवर ने खुद को पेट्रोल डालकर आग लगा ली। 50 साल के RTC कर्मचारी शंकर गौड़ अन्य ड्राइवरों के साथ राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठे थे। आग की वजह से वे गंभीर रूप से झुलस गए। शंकर को वारंगल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर उन्हें हैदराबाद के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार तड़के करीब 1:30 बजे उनकी मौत हो गई। दरअसल, RTC कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) ने 22 अप्रैल से विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया था। वे शांतिपूर्ण मार्च और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने वाले थे। कर्मचारी 32 मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिनमें RTC के सरकारी विलय की मांग प्रमुख है। सीएम ने शोक जताया घटना पर मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी और उनके साथ खड़ी रहेगी। RTC कर्मचारियों की जारी हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारियों से किसी भी तरह के गलत कदम न उठाने की अपील की है और बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास करेगी। नलगोंडा में ड्राइवर ने आत्महत्या की कोशिश की नलगोंडा में भी एक अन्य RTC कर्मचारी द्वारा आत्महत्या की कोशिश किए जाने की खबर है, हालांकि उसे कोई चोट नहीं आई। वहीं खम्मम में सामने आए एक अन्य मामले को पुलिस ने हड़ताल से असंबंधित बताते हुए पारिवारिक कारणों से जुड़ा बताया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क से मंत्रियों को कर्मचारी यूनियनों को बातचीत के लिए बुलाने के निर्देश दिए थे। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर में मेइरा पाईबी की महिलाएं सड़कों पर उतरीं:दिन में रास्ते रोक कर धरना, रात में मशाल रैलियों से कानून-व्यवस्था संभाल रहीं मणिपुर में बीते 7 अप्रैल को रॉकेट हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनों में 3 मौतें हो गई थीं। तबसे विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। अशांति के बीच 18 अप्रैल से पूर्ण बंद लागू है। सामान्य जीवन ठप है। पूरी खबर पढ़ें…
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