रजिस्ट्री में लगने वाले सेस यानी उपकर को खत्म कर दिया गया है। सोमवार को अधिसूचना जारी की जाएगी। मंगलवार से होने वाली रजिस्ट्री में लोगों को इसका सीधा फायदा होगा। दावा किया जा रहा है कि एक करोड़ की रजिस्ट्री कराने वालों को 60 हजार रुपए तक का फायदा होगा। रियल एस्टेट के कारोबार में उछाल के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% उपकर (सेस) को खत्म कर दिया था। छत्तीसगढ़ सेस बिल मार्च 2026 में विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ था। विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद इसे राजपत्र में प्रकाशित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। शनिवार को इसे प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी हो जाएगी। अधिसूचना जारी होने के साथ ही सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा। इसलिए 28 अप्रैल से होने वाली सभी रजिस्ट्रियों में इसका फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में बताया था कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को सरल बनाना है। महिलाओं को 50% छूट पर अधिसूचना जल्द राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क को 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया था। इस विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर हो गए हैं। इसकी अधिसूचना जारी करने से पहले इसे भाषा सुधार के लिए भेजा गया है। अफसरों का दावा है कि सात दिनों के भीतर इस छूट की भी अधिसूचना जारी हो जाएगी। यानी अगले हफ्ते से महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 2 प्रतिशत ही पंजीयन शुल्क लगेगा। हालांकि इस बदलाव के बाद पुरुषों के लिए स्टांप ड्यूटी 6.6 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 5.48 प्रतिशत होगी। पुरुषों को पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत और महिलाओं के नाम पर 2 फीसदी लगेगा।
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