बिजनौर में स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर एक युवक से 32 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 99,350 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पीड़ित चंदन कुमार, जो मूल रूप से रोहतास (बिहार) के निवासी हैं और वर्तमान में नगीना रोड स्थित आरसी पुरम कॉलोनी में रहते हैं, ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी 2026 को उन्हें ‘एफ5 इंडियन स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर्स डिस्कशन’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में स्टॉक ट्रेडिंग की जानकारी देकर निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। कुछ समय बाद, अधिक मुनाफे का लालच देकर उन्हें ‘वेल्थ एलाइंस इंटर्नशिप ग्रुप’ में शामिल होने के लिए कहा गया। ग्रुप एडमिन ने पीड़ित से ‘फ़र्ली एलएलसी’ नामक ऐप डाउनलोड करवाया। इसके बाद पीड़ित की बातचीत माइकल कॉलिन्स नामक व्यक्ति से कराई गई, जिसने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने के निर्देश दिए। 24 फरवरी से 17 मार्च 2026 के बीच, पीड़ित से छह बैंक खातों में कुल 32,53,000 रुपये जमा करा लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान बरेली निवासी सीबू हसन और मौ. आरिफ के नाम सामने आए, जो इस ठगी के नेटवर्क का हिस्सा थे। साइबर क्राइम टीम ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि दिसंबर 2025 में उनकी मुलाकात लखीमपुर खीरी निवासी राघव से हुई थी। राघव ने उन्हें बिना मेहनत अधिक कमाई का लालच दिया और अपने बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर कराने का काम सौंपा। आरोपी खातों में आई रकम निकालकर राघव को देते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें पता था कि उनके खातों में आने वाला पैसा साइबर ठगी से जुड़ा है, लेकिन लालच के चलते वे इस गिरोह का हिस्सा बने रहे। एएसपी सिटी डॉक्टर कृष्ण गोपाल सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सऐप ग्रुप, ऐप या निवेश योजना के झांसे में न आएं। अधिक मुनाफे का लालच अक्सर साइबर ठगी का जरिया होता है।
Source link
