भिलाई में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की फोटो दिखाकर प्राइवेट अस्पतालों की जांच के नाम पर ब्लैकमेलिंग करने वाले गुरमीत सिंह वाधवा के खिलाफ दूसरी FIR दर्ज की गई है। यह दूसरी एफआईआर स्पर्श हॉस्पिटल के जीएम की शिकायत पर दर्ज हुई है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी खुद को मैग्जीन का मैनेजिंग एडिटर बताता था। वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ अपनी फोटो दिखाकर अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाता था और 20 लाख रुपए की मांग कर रहा था। इससे पहले भी छावनी थाने में एसबीएस अस्पताल की ओर से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उस मामले में भी उसने अस्पताल में गड़बड़ी बताकर 5 लाख रुपए मांगने की कोशिश की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया है। देखिए पहले ये तस्वीरें- खुद को फोर्ब्स मैगजीन का मैनेजिंग एडिटर भिलाई के स्पर्श हॉस्पिटल के जीएम अखिल मडामे के अनुसार गुरुमीत सिंह वाधवा नाम का व्यक्ति नवंबर 2025 में अस्पताल आया था। उसने खुद को फोर्ब्स मैगजीन का मैनेजिंग एडिटर और अपनी बेटी को बीबीसी की पत्रकार बताया। इस दौरान उसने कुछ फोटो भी दिखाए, जिनमें वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ नजर आ रहा था। आरोपी ने दावा किया कि सरकार ने उसे छत्तीसगढ़ के अस्पतालों की जांच करने के लिए अधिकृत किया है। अखिल मडामे ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह कोई आधिकारिक जांच है, लेकिन बाद में उसकी बातों और दस्तावेजों पर शक होने लगा। इसके बाद भी गुरुमीत सिंह दो-तीन बार अस्पताल आया और खुद को जांच अधिकारी बताकर अलग-अलग कमियां बताने लगा। उसने कहा कि अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट सही नहीं है, पर्यावरण के नियमों का पालन नहीं हो रहा है और बिल्डिंग भी नियमों के अनुसार नहीं बनी है। अस्पताल बंद कराने की दी धमकी शिकायत में यह भी कहा गया है कि गुरुमीत सिंह लगातार फोन कर अस्पताल प्रबंधन को डराता रहा। उसने धमकी दी कि वह रिपोर्ट बनाकर अस्पताल बंद करवा देगा। उसने यह भी कहा कि उसकी पहचान बड़े नेताओं से है और वह पार्किंग बंद करवा देगा, जिससे अस्पताल चलाना मुश्किल हो जाएगा। 20 लाख की करने लगा डिमांड जीएम के अनुसार आरोपी ने इस दौरान 20 लाख रुपए मांगे, जब पैसे देने से मना किया गया तो उसने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में बताया गया है कि 5 जनवरी 2026 को वह अस्पताल आया और स्टाफ के सामने गलत भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना के कई कर्मचारी गवाह हैं। अगले दिन 6 जनवरी को भी उसने फोन कर गालियां दीं और पैसे नहीं देने पर अस्पताल बंद कराने की धमकी दी। शिकायत के मुताबिक आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कई बार कॉल कर चुका है और हर बार पैसे की मांग करता रहा। कई सरकारी दफ्तरों में अस्पताल की शिकायतें शिकायत में यह भी कहा गया है कि गुरुमीत सिंह ने कई सरकारी दफ्तरों में अस्पताल के खिलाफ शिकायतें कीं और आरटीआई लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके कारण अलग-अलग विभागों के अधिकारी जांच के लिए अस्पताल पहुंचे। प्रबंधन का कहना है कि इन शिकायतों का मकसद सिर्फ दबाव बनाकर पैसे वसूलना था। अखिल मडामे के मुताबिक आरोपी ने कुछ यूट्यूब चैनलों को इंटरव्यू देकर अस्पताल की छवि खराब करने की भी कोशिश की। पुलिस ने दर्ज किया केस स्पर्श अस्पताल के जीएम की शिकायत पर सुपेला थाना पुलिस ने गुरुमीत सिंह वाधवा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह दूसरी एफआईआर है। बता दें कि गुरुमीत सिंह वाधवा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की फोटो लेकर मुख्य सचिव के पास भी गया था और जिले के पांच अस्पतालों की जांच की बात कही थी। उसके लेटर को सही मानते हुए मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलों के सीएमएचओ को भी पत्र भेजे गए थे। इसके बाद अस्पतालों की जांच भी हुई। बताया जा रहा है कि इसी जांच के दौरान पूरा मामला सामने आया। अब तक दो अस्पताल गुरुमीत सिंह वाधवा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
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