गौ संरक्षण को लेकर सोमवार को शहर में साधु-संतों और गौ रक्षकों ने रैली निकालकर विरोध जताया। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान पांच गाय के बछड़ों को भी साथ लाया गया, जिससे गौवंश की स्थिति को लेकर प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 और 51(ए)(g) का उल्लेख करते हुए गौवंश को “राष्ट्रीय आस्था” का दर्जा देने, सख्त केंद्रीय कानून बनाने और केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय की स्थापना की मांग उठाई गई। अभियान से जुड़े साधु-संतो ने बताया कि अजमेर शहर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में करीब 13 हजार लोगों ने समर्थन दिया। इन हस्ताक्षरों की पोटली भी ज्ञापन के साथ प्रशासन को सौंपी गई। उन्होंने कहा कि गौवंश की तस्करी, दुर्घटनाएं और संरक्षण की कमी गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके लिए ठोस नीति जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने गौहत्या को गैर-जमानती अपराध घोषित करने, हर जिले में गौशालाओं को मजबूत करने और गौ आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की मांग भी रखी। साथ ही स्कूलों में गो-विज्ञान को शामिल कर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Source link
