पठानकोट में गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम पठानकोट के राम लीला ग्राउंड में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। गौ माता भारतीय संस्कृति और संस्कारों का एक अभिन्न हिस्सा कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गौ माता भारतीय संस्कृति और संस्कारों का एक अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से गौ को मां का दर्जा दिया जाता रहा है और अब समय आ गया है कि इसे सरकारी तौर पर भी राष्ट्रीय माता का दर्जा प्रदान किया जाए।
इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के नेताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि गौ माता की सुरक्षा और देखभाल के लिए केंद्रीय स्तर पर एक अलग ‘गौ मंत्रालय’ का गठन किया जाए।
उनका तर्क था कि इससे गौ संरक्षण से जुड़ी नीतियों को मजबूती मिलेगी और पूरे देश में गौवंश के लिए एक व्यवस्थित प्रबंधन स्थापित हो सकेगा। बड़े स्तर पर किया जाएगा आंदोलन
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एक स्वर में गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने और इसके लिए जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मांग पर ध्यान नहीं देती है, तो आने वाले समय में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में पठानकोट के विधायक अश्वनी शर्मा, एस.डी.एम अर्शदीप सिंह और स्थानीय निवासी मनमोहन काला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उपस्थित लोगों ने गौ माता की सेवा और संरक्षण का संकल्प लिया और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का वादा किया।
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