उदयपुर की सायरा थाना पुलिस की एक होटल पर की गई कार्रवाई सवालों में आ गई है। पुलिस टीम ने अक्टूबर 2025 में विस्मा स्थित होटल इन्द्रप्रस्थ में रेव पार्टी होने की सूचना पर दबिश दी थी और होटल में नशे परोसने को लेकर चालान भी पेश किया था। हालांकि इसके बाद इन्द्रप्रस्थ होटल संचालक मूलाराम मेघवाल ने पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई के खिलाफ शिकायत की थी। होटल संचालक का आरोप था कि उसने पुलिस के एक सिपाही को 2 लाख रुपए दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक के निर्देशों के बाद आज डीएसपी श्रीराम बडसरा के नेतृत्व में एक विजिलेंस टीम उदयपुर आई। टीम ने गोगुंदा थाने पहुंचकर उस वक्त कार्रवाई में शामिल रहे डीएसपी समेत 11 पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले डीएसपी गोपाल चंदेल से भी इस संबंध में पूछताछ की गई। विजिलेंस टीम ने पूछताछ को पूरी तरह से गोपनीय रखा। डीएसपी बोले- सभी आरोप निराधार
डीएसपी गोपाल चंदेल ने बताया कि होटल संचालक द्वारा जो भी आरोप लगाए हैं, वह निराधार है। कार्रवाई एडिशनल एसपी स्तर से हुई और इसमें चालान भी पेश हो चुका है। चंदेल ने कहा कि कार्रवाई गलत होती तो इसमें एफआर लग जाती। होटल में बाहर से लड़कियां मंगाई गई थी। अश्लीलता के साथ नशा परोसा जा रहा था। फिलहाल विजिलेंस टीम जो भी जांच कर रही है, उसमें पूरा सहयोग किया जा रहा है। शिकायत में होटल संचालक का दावा, 2 लाख दिए थे
होटल संचालक मूलाराम ने शिकायत में आरोप लगाया था कि मैं मासिक किराए पर एग्रीमेंट के तहत होटल संचालित करता हूं। इसके मालिक गुजरात के अहमदाबाद में कपड़ों का व्यवसाय करते हैं। 16 दिसंबर 2025 को मेरे होटल में गेस्ट आए थे। तभी पुलिस की टीम दीवार फांदकर आई। अंदर का ताला तोड़ा और होटल के कमरों के दरवाजे खटखटाने लगी। गेस्ट को अवैध संबंध का आरोप लगाकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुझे धमकाया और 2 लाख रुपए की डिमांड की। मैंने होटल से दो लाख रुपए सिपाही भीमसिंह मीणा को दिए। पुलिस ने तथ्य छिपाने के लिए सीसीटीवी बंद कर दिए थे। हमारे खिलाफ झूठा मुकदमा बनाकर जेल भिजवा दिया। डीवीआर भी सायरा थाने में पड़ी है।
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