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बोकारों के भर्रा कब्रिस्तान से कंकाल मिलने का मामला: डीएनए जांच के लिए माता-पिता का लिया ब्लड सैंपल‎, तीन साल बाद मिला कंकाल – Bokaro News




बोकारो‎ में बीते सोमवार को भर्रा कब्रिस्तान से मिले ‎‎कंकाल की पहचान के लिए चीराचास पुलिस ‎ने सदर अस्पताल में लापता ‎‎खालिक अंसारी के माता-पिता का ब्लड‎ सैंपल लिया। पुलिस अब डीएनए जांच ‎के लिए ब्लड व कंकाल का सैंपल भेजकर ‎‎मिलान करेगी।‎ वहीं, दो आरोपी भर्रा के सलाउद्दीन और‎ गुड्‌डू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया ‎‎गया है। बताया जाता है कि मृतक मिस्त्री का ‎‎काम करता था, ऐसे में गुड्‌डू उसके साथ ‎बतौर कर्मचारी जुड़ा हुआ था। सूत्रों के ‎अनुसार उक्त दोनों ने ही ‎‎खालिक की हत्या की‎ है। मास्टर माइंड‎ की गिरफ्तारी अभी बाकी
उनके ही निशानदेही पर कंकाल बरामद ‎हुआ है। साथ ही मामले के मास्टर माइंड‎ की गिरफ्तारी अभी बाकी है। बता दें कि‎ बरमसिया ओपी क्षेत्र के अड़िता निवासी‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ खालिक 2022 से लापता है। वह भर्रा में‎ किराए के मकान में रहता था। लापता होने‎ पर परिजनों ने चीराचास थाना में शिकायत‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ किया, लेकिन उसकी तलाश अधूरी रह गई।‎ बेटा का कुछ पता नहीं चलने पर उसके‎ परिजन हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट की फटकार‎ पर चीराचास पुलिस रेस हुई और सलाउद्दीन‎ के साथ गुड्‌डू को पूछताछ के लिए उठाया।‎ पूछताछ में उन्होंने शव दफनाने की बात ‎कही, जिसके बाद पुलिस ने भर्रा कब्रिस्तान ‎से कंकाल बरामद की।‎ पुलिस आरोपियों का पक्ष ले रही: परिजन
वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस पूरी‎ प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कर रही है, ताकि ‎इसकी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। ‎पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह‎ आरोपियों का पक्ष ले रही है और उन्हें‎ मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।‎ सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब डीएनए ‎रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, तो पुलिस किस‎ आधार पर यह दावा कर रही है कि बरामद‎ कंकाल खालिक का ही है। फिलहाल हर‎ मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी देने ‎वाली पुलिस इस संवेदनशील मामले में ‎चुप्पी साधे हुए है, जिससे कई सवाल खड़े‎ हो रहे हैं।‎



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