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बोकारो में बीते सोमवार को भर्रा कब्रिस्तान से मिले कंकाल की पहचान के लिए चीराचास पुलिस ने सदर अस्पताल में लापता खालिक अंसारी के माता-पिता का ब्लड सैंपल लिया। पुलिस अब डीएनए जांच के लिए ब्लड व कंकाल का सैंपल भेजकर मिलान करेगी। वहीं, दो आरोपी भर्रा के सलाउद्दीन और गुड्डू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बताया जाता है कि मृतक मिस्त्री का काम करता था, ऐसे में गुड्डू उसके साथ बतौर कर्मचारी जुड़ा हुआ था। सूत्रों के अनुसार उक्त दोनों ने ही खालिक की हत्या की है। मास्टर माइंड की गिरफ्तारी अभी बाकी
उनके ही निशानदेही पर कंकाल बरामद हुआ है। साथ ही मामले के मास्टर माइंड की गिरफ्तारी अभी बाकी है। बता दें कि बरमसिया ओपी क्षेत्र के अड़िता निवासी खालिक 2022 से लापता है। वह भर्रा में किराए के मकान में रहता था। लापता होने पर परिजनों ने चीराचास थाना में शिकायत किया, लेकिन उसकी तलाश अधूरी रह गई। बेटा का कुछ पता नहीं चलने पर उसके परिजन हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट की फटकार पर चीराचास पुलिस रेस हुई और सलाउद्दीन के साथ गुड्डू को पूछताछ के लिए उठाया। पूछताछ में उन्होंने शव दफनाने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने भर्रा कब्रिस्तान से कंकाल बरामद की। पुलिस आरोपियों का पक्ष ले रही: परिजन
वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कर रही है, ताकि इसकी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह आरोपियों का पक्ष ले रही है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब डीएनए रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, तो पुलिस किस आधार पर यह दावा कर रही है कि बरामद कंकाल खालिक का ही है। फिलहाल हर मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी देने वाली पुलिस इस संवेदनशील मामले में चुप्पी साधे हुए है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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