स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीवान जिला प्रशासन और विद्युत विभाग द्वारा बुधवार को अंबेडकर भवन परिसर में भव्य सोलर मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रये, उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार एवं कार्यपालक अभियंता (विद्युत) रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के अवसर पर जिला पदाधिकारी ने बताया कि यह मेला केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे अपनी बिजली की जरूरतों को खुद पूरा कर सकें और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर आर्थिक लाभ भी अर्जित कर सकें। रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना काफी किफायती डीएम ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 78,000 रुपये तक की सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना काफी किफायती हो जाता है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को लंबे समय में बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी का लाभ मिलता है। ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण और आवेदन की सुविधा मेले की खास बात यह है कि यहां लोगों को एक ही स्थान पर रूफटॉप सोलर योजना से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेले में ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण और आवेदन की सुविधा भी दी जा रही है। इसके अलावा अधिकृत सोलर कंपनियों द्वारा तकनीकी परामर्श, डेमो और जरूरत के अनुसार उपयुक्त सोलर सिस्टम के चयन में सहायता प्रदान की जा रही है। यह मेला बुधवार से अगले पांच दिनों तक अंबेडकर भवन में चलेगा। वित्तीय सहायता को ध्यान में रखते हुए मेले में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं, जो आसान ऋण, ईएमआई विकल्प और वित्तीय सलाह उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे। सोलर की गुणवत्ता, लागत, इंस्टॉलेशन की जानकारी तकनीकी सहायता के लिए अधिकृत सोलर वेंडर और विशेषज्ञ मौके पर मौजूद हैं, जो सोलर पैनल की गुणवत्ता, लागत, इंस्टॉलेशन, रखरखाव और वारंटी से जुड़ी विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है। रूफटॉप सोलर अपनाने से जहां बिजली खर्च में कमी आती है, वहीं कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, व्यापारियों और संस्थानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेले में भाग लें और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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