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छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा ‘सही दवा शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार’ थीम के तहत एक सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिले के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान 27 अप्रैल से 11 मई तक चलेगा। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने इस विशेष जांच अभियान के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की है। संयुक्त टीम ने हाल ही में कोटमी, पेंड्रा और गौरेला स्थित कई गन्ना रस सेंटर, आइसक्रीम सेंटर, चाट कॉर्नर और फास्ट फूड प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें गन्ना रस सेंटर कोटमी, शिव शक्ति आइसक्रीम सेंटर कोटमी, कलेश्वर गन्ना रस सेंटर पेंड्रा, अजय गन्ना जूस भंडार पेंड्रा, श्री बालाजी चाट कॉर्नर पेंड्रा, श्री गुरु कृपा फास्ट फूड पेंड्रा, भैयरू नाथ आइसक्रीम फालुदा सेंटर पेंड्रा, श्री बालाजी चाट सेंटर पेंड्रा, दिल्ली जैन चाट सेंटर गौरेला, बांबे गन्ना जूस सेंटर गौरेला, अभिषेक फास्ट फूड गौरेला, सूबेदार कॉटन केंडी मेला बाजार गौरेला, न्यू इंडियन फेमस पाव भाजी सेंटर मेला बाजार गौरेला और न्यू इंडियन सॉफ्टी कॉर्नर मेला बाजार गौरेला शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान वेंडरों को साफ-सफाई के निर्देश निरीक्षण के दौरान वेंडरों को साफ-सफाई बनाए रखने के विशेष निर्देश दिए गए। जिन वेंडरों ने खाद्य पंजीयन नहीं करवाया था, उन्हें तत्काल पंजीयन करवाने के लिए निर्देशित किया गया। विशेष जांच अभियान के तहत आइसक्रीम, गन्ना रस और चाट मटर के नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए राजधानी रायपुर भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस विशेष जांच अभियान के तहत संयुक्त जांच दल द्वारा चाट-गुपचुप सेंटर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, गन्ना रस, सॉफ्ट ड्रिंक्स, आइसक्रीम, जूस सेंटर्स, डेयरी उत्पाद (दूध, दही, पनीर, लस्सी, छाछ), मिठाई की दुकानें, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, केक एवं बेकरी उत्पाद, मिड-डे मील सेंटर, अस्पतालों की कैंटीन, पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर, कन्फेक्शनरी प्रतिष्ठान, फल एवं सब्जी विक्रेताओं सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की जानी है।
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