शिरोमणि अकाली दल ने रूपनगर में बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में देसी पंखे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष मार्च निकाला। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने किया। यह मार्च सुबह करीब 11 बजे गुरुद्वारा सिंह सभा से शुरू होकर मुख्य बाजार से होते हुए चुंगी कार्यालय के पास शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। प्रदर्शन में अकाली नेता और कार्यकर्ता पुराने देसी पंखे झलते हुए शामिल हुए। यह बिजली कटौती के मुद्दे को प्रतीकात्मक रूप से उजागर करने का तरीका था। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भी हिस्सा लिया। पंजाब सरकार में साधा निशाना सभा को संबोधित करते हुए डॉ. चीमा ने पंजाब सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती बिजली कटौती आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली प्रबंधन में पूरी तरह विफल रही है। डॉ. चीमा ने कहा कि गर्मी की शुरुआत के साथ ही स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने अकाली दल के शासनकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय पंजाब बिजली अधिशेष (पावर सरप्लस) राज्य था। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि वह न तो समय पर समझौते कर सकी और न ही पर्याप्त बिजली खरीद पाई। डॉ. चीमा के अनुसार, इस समय राज्य में 11-12 यूनिट बिजली की मांग है, लेकिन सरकार के पास इसे पूरा करने की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए, तो लोगों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
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