सीधी जिले की चुरहट नगर पंचायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्य मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर लंबी नाली पहली ही बारिश में बह गई, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और निवासियों में भारी आक्रोश है। यह नाली लगभग तीन महीने पहले 23 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हुई थी। मंगलवार देर रात हुई पहली ही बारिश में यह बह गई। इसके क्षतिग्रस्त हो जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है। बुधवार दोपहर 12 बजे नगर पंचायत उपाध्यक्ष अजय पांडे के नेतृत्व में पार्षदों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने तत्काल जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नाली निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग का आरोप उपाध्यक्ष अजय पांडे ने आरोप लगाया कि नाली निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी कई बार आपत्तियां उठाई गई थीं, लेकिन नगर पंचायत अधिकारियों ने उन पर ध्यान नहीं दिया। नाली के बह जाने से निर्माण में हुई लापरवाही स्पष्ट हो गई है। घटना की सूचना मिलने पर नगर पंचायत चुरहट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) रामावतार पटेल को मौके पर बुलाया गया। पार्षदों ने उनसे जिम्मेदार इंजीनियर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। सीएमओ ने जांच के आदेश दिए सीएमओ रामावतार पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नाली के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना नगर पंचायत के निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।
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