जौनपुर में 400 से अधिक निजी और स्कूली बसें बिना परमिट के सड़कों पर संचालित हो रही हैं। इन वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। परिवहन विभाग के दावों के बावजूद, जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जिले में कुल 480 बसें बिना पंजीकरण या परमिट के चल रही हैं। परिवहन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई न होने के कारण स्कूल संचालकों और निजी वाहन मालिकों के हौसले बढ़े हुए हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। इस संबंध में उप संभागीय परिवहन अधिकारी (एडीटीओ) अजीत सिंह ने जानकारी दी कि जौनपुर के एआरटीओ कार्यालय में अब फिटनेस सुविधा शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सभी अनफिट वाहन अब सरकारी शुल्क जमा करके यहीं अपनी फिटनेस करवा सकते हैं। अजीत सिंह ने यह भी बताया कि सभी स्कूलों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि स्कूल वाहन समय पर फिटनेस नहीं करवाते हैं, तो उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और उसे दोबारा बहाल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए शासन को भी पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले कुछ वाहनों की फिटनेस वाराणसी में होती थी, जिससे वाहन संचालकों को आने-जाने में परेशानी होती थी। अब परिवहन आयुक्त ने जनपद में ही फिटनेस के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे वाहन मालिकों को सुविधा मिलेगी। इस मामले को लेकर स्कूल संचालकों की पूर्व जिलाधिकारी के साथ एक बैठक भी हो चुकी है। इस बैठक में सभी स्कूल संचालकों को अपने वाहनों की फिटनेस, पंजीकरण और बीमा आदि दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि बच्चों की सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने स्कूल संचालकों से बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ न करने और सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने का आग्रह किया है। चेतावनी दी गई है कि नियमों का पालन न करने पर स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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