सतना जिले के चित्रकूट के वार्ड क्रमांक-6 में रहने वाली गंभीर एनीमिक गर्भवती महिला गुड़िया सोनकर को बुधवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने घर से अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में महिला का हीमोग्लोबिन मात्र 2.5 ग्राम पाया गया, जो अत्यंत गंभीर स्थिति है। लंबे समय से इलाज से बच रही थी महिला जानकारी के अनुसार गुड़िया सोनकर (पति शिवकुमार सोनकर) गर्भावस्था के दौरान गंभीर एनीमिया से पीड़ित थीं। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ता उन्हें लगातार जिला अस्पताल सतना में उपचार और ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए ले जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन महिला अस्पताल जाने को तैयार नहीं थीं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को एसडीएम के नेतृत्व में खंड स्तरीय संयुक्त टीम महिला के घर पहुंची। टीम ने महिला और उनके परिवार की काउंसलिंग की, जिसके बाद उन्हें जानकीकुंड अस्पताल चित्रकूट में भर्ती कराया गया। बीएमओ के समन्वय से महिला को एक यूनिट रक्त निःशुल्क चढ़ाया गया। ब्लड चढ़ाने की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज अस्पताल में जारी है और गुरुवार को उन्हें एक और यूनिट खून चढ़ाए जाने की तैयारी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्भावस्था में एनीमिया मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। समय पर जांच, आयरन की दवाओं का सेवन और आवश्यकता पड़ने पर रक्त चढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनीमिया क्या है एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है। गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अधिक खतरनाक होती है क्योंकि इससे मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। समय पर जांच, आयरन व फोलिक एसिड की नियमित दवाओं का सेवन, संतुलित आहार और चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। गंभीर स्थिति में रक्त चढ़ाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
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