लुधियाना रेलवे स्टेशन पर गार्ड ने चलती ट्रेन से महिला NRI का कुत्ता नीचे फेंक दिया। NRI महिला इसे एनिमल ट्रांसपोर्टर की मदद से मोगा से जबलपुर भेज रही थी। जो ट्रांसपोर्टर इसे ले जा रहा था, वह भी उसी ट्रेन के जनरल डिब्बे में बैठा हुआ था। जब उसे पता चला तो वह दौड़ा-दौड़ा गार्ड के पास गया। उसने वजह पूछी तो गार्ड ने पर्याप्त डॉक्यूमेंट्स न होने की बात कही। जिसके बाद दोनों में जमकर बहस हो गई। ट्रांसपोर्टर ने लैब्राडोर नस्ल का कुत्ता सही सलामत जबलपुर पहुंचाने के बदले फीस ली थी, इस वजह से कुत्ते को पकड़ने के लिए उसने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। जिस वजह से उसके घुटनों में चोट लग गई। जब वह कुत्ते तक पहुंचा तो उसे आवारा कुत्तों ने घेरा हुआ था। उसने किसी तरह से मुश्किल से कुत्ते को बचाया। ट्रांसपोर्टर के मुताबिक वह तुरंत रेल अफसरों के पास गया लेकिन किसी ने कोई हेल्प नहीं की। जिसके बाद वह कुत्ते को वापस मोगा ले गया। इस मामले में रेलवे स्टेशन के सुपरिटेंडेंट ने जांच का भरोसा दिया है। कुत्ते को चलती ट्रेन से फेंकने की पूरी कहानी जानिए… महिला ने कहा- मैंने बच्चों की तरह पाला
इस मामले में मोगा की रहने वाली महिला हरप्रीत कौर ने कहा कि उनके कुत्ते का नाम ब्रूनो है। कुत्ते की आयु करीब 4 साल है। उनकी बेटी विदेश रहती है और उसने कहा था कि मेरे ससुराल में कुत्ते की जरुरत है। इस कारण उन्होंने कुत्ते को उसके ससुराल भेजना था। महिला का कहना है कि रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण कुत्ता जबलपुर नहीं पहुंचा और लुधियाना से वापस मोगा लाना पड़ा। हरप्रीत कौर ने कहा कि फिरोजपुर डिविजन के अधिकारियों को इस मामले में दखल देकर जांच करवानी चाहिए। आरोपी गार्ड के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। लुधियाना के स्टेशन सुपरिटेंडेंट बोले- जरूर एक्शन होगा
इस मामले की लुधियाना के स्टेशन सुपरिटेंडेंट (SS) अनिल ने कहा कि इतना जरूर पता चला था कि जबलपुर एक्सप्रेस कुछ मिनट के लिए स्टेशन पर रुकी थी। ऐसी जानकारी नहीं मिली थी कि गार्ड ने कुत्ते को बाहर निकाला है। यदि इस तरह का कोई मामला सीनियर अफसरों के ध्यान में हुआ तो जरूर रेलवे एक्शन लेगा।
Source link
