अलीगढ़ पुलिस ने दो दिन पहले जिस बड़े हथियार तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था, उसमें अब बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हिरासत में लिए गए एएमयू छात्रों शहवान, मो. कासिफ और होटल संचालक प्रियेंद्र के इस गैंग का मकसद सर सैयद नगर में एक बड़े मकान में डकैती डालना था। पकड़े गए आरोपियों में मुनीर गैंग से जुड़े लोग भी शामिल हैं। वहीं, पंजीपुर में खंडहर नुमा किले में दबिश के दौरान तीन आरोपी पुलिस पर फायरिंग कर फारर हो गए। पुलिस अब इन आरोपियों वसीम, कामरान और सिराज की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। कई दिनों से हो रही थी रेकी पूछताछ में सामने आया है कि डकैती के लिए पूरी योजना के साथ काम किया जा रहा था। गैंग के सदस्य पिछले कई दिनों से सर सैयद नगर स्थित बड़े मकान की रेकी कर रहे थे। वे वारदात के लिए सही दिन, समय और मौके का इंतजार कर रहे थे। डकैती के दौरान अगर कोई विरोध करता, तो दहशत फैलाने के लिए ये लोग ताबड़तोड़ फायरिंग करने से भी पीछे नहीं हटते। इसके लिए इनके पास भारी मात्रा में अवैध असलहे और कारतूस मौजूद थे। वसीम, कामरान और सिराज की तलाश तेज बुधवार रात को दबिश के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 12 को दबोच लिया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तीन आरोपी फायरिंग कर फरार हो गए। इन आरोपियों नगला पटवारी निवासी वसीम, देहलीगेट निवासी कामरान और ऊपरकोट के सिराज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मोबाइल डेटा और चैट से खुलेगी दिल्ली तक की चेन पुलिस की साइबर सेल गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाल रही है। आईएमईआई ट्रैकिंग और सीडीआर से इस नेटवर्क की तलाश की जा रही है। डकैती और रेकी के लिए इस्तेमाल की जा रही फर्जी नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट कार का चेसिस नंबर निकाला गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल पहले किन-किन वारदातों में हुआ है। गिरफ्तार एएमयू छात्रों के फोन से मिले डेटा से यह साफ हो रहा है कि वे कैंपस के भीतर और दिल्ली तक के खरीदारों को पिस्टल सप्लाई कर रहे थे। कई और नाम आ रहे सामने सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और नाम सामने आए हैं। वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि हथियार सप्लायरों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा।
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