जवाहर कला केन्द्र में आयोजित ‘शिल्पम आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर’ इन दिनों कला, शिल्प और पारंपरिक हस्तकला प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देशभर से आए कारीगरों और आर्टिजंस ने यहां अपने राज्यों की विशिष्ट कला और हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया है। खास बात यह है कि मेले में कई ऐसे रेयर और एक्सक्लूसिव उत्पाद पहली बार जयपुर में प्रदर्शित किए गए हैं, जो मूल रूप से अरब देशों के बाजारों के लिए तैयार किए गए थे, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालातों के चलते निर्यात नहीं हो सके। अब इन्हें जयपुर के लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है। मेले में खुर्जा की आकर्षक क्रॉकरी, सहारनपुर का नक्काशीदार फर्नीचर और मुरादाबाद के ब्रास आर्टिकल्स लोगों के बीच खास उत्साह का विषय बने हुए हैं। विदेशी बाजारों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन उत्पादों की डिजाइन, फिनिशिंग और कलात्मकता जयपुरवासियों को बेहद पसंद आ रही है। अरब देशों के लिए बनी डिजाइनें बनीं आकर्षण का केंद्र फेयर में प्रदर्शित कई उत्पाद खास तौर पर दुबई, कतर, ओमान और अन्य अरब देशों के ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए थे। इनमें गोल्डन फिनिश, अरबी पैटर्न, इस्लामिक मोटिफ्स और लग्जरी स्टाइल का विशेष प्रभाव देखने को मिल रहा है। उत्तरप्रदेश के खुर्जा से आए कारीगर मोहम्मद उमर ने बताया कि युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण इन उत्पादों का निर्यात रुक गया, जिसके बाद उन्होंने इन्हें भारतीय बाजार में प्रदर्शित करने का निर्णय लिया। जयपुर में इन उत्पादों को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और लोग इन्हें उत्साह के साथ खरीद रहे हैं। खुर्जा से आई क्रॉकरी इस बार मेले की सबसे चर्चित आकर्षणों में शामिल है। चमकदार ग्लेज, आधुनिक और अरबी पैटर्न वाले डिजाइन और हाथ से बनी फिनिशिंग लोगों को खूब पसंद आ रही है। इन क्रॉकरी सेट्स में गोल्डन बॉर्डर, ब्लू-अरबी आर्टवर्क और मिनिमलिस्ट डिजाइन खास रूप से तैयार किए गए हैं। डिनर सेट, टी सेट, सर्विंग बाउल और सजावटी प्लेट्स घरों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ लग्जरी टच भी दे रहे हैं। सहारनपुर का फर्नीचर बना चर्चा का विषय सहारनपुर से आए लकड़ी के नक्काशीदार फर्नीचर ने भी लोगों को आकर्षित किया है। शिशम और सागौन की लकड़ी पर की गई महीन कारीगरी और अरबी शैली की डिजाइनें पहली बार जयपुर में देखने को मिल रही हैं। सोफा सेट, सेंटर टेबल, झूले, पार्टिशन और वॉल पैनल्स पर हाथ से की गई बारीक नक्काशी देखने लायक है। इन फर्नीचर उत्पादों में पारंपरिक भारतीय कला और मिडिल ईस्ट के रॉयल इंटीरियर का खूबसूरत मिश्रण दिखाई देता है। मुरादाबाद के ब्रास आर्टिकल्स ने बढ़ाई शान मुरादाबाद से आए ब्रास आर्टिकल्स भी लोगों के बीच खास आकर्षण बने हुए हैं। ब्रास की लैंप, फ्लावर वास, सजावटी ट्रे, झूमर और इस्लामिक पैटर्न वाली डेकोरेटिव आइटम्स अपनी अनूठी डिजाइन और बारीक नक्काशी के कारण लोगों का ध्यान खींच रही हैं। कारीगरों का कहना है कि इनमें से कई डिजाइन खास तौर पर गल्फ देशों के इंटीरियर ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं। इनकी चमकदार फिनिश और हैंडमेड डिटेलिंग इन्हें बेहद खास बनाती है। साड़ियों, सिल्क और हैंडलूम की डिमांड महिलाओं के लिए यह फेयर किसी शॉपिंग पैराडाइज से कम नहीं है। यहां बनारसी साड़ियां, भागलपुरी सिल्क, कांजीवरम, कान्था वर्क, कोटा डोरिया, चिकनकारी और बगरू प्रिंट की शानदार रेंज उपलब्ध है। बांधनी और बंधेज की रंग-बिरंगी साड़ियां और दुपट्टे महिलाओं को खासे पसंद आ रहे हैं। वहीं जयपुर की ब्लॉक प्रिंट कुर्तियां, पंजाबी सूट और वेस्ट बंगाल की डिजाइनर साड़ियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। फेयर में बिहार की मधुबनी पेंटिंग्स, उड़ीसा की पारंपरिक पेंटिंग्स, मिर्जापुर की दरियां और कारपेट, कश्मीर के ड्राय फ्रूट्स, गुजराती बैग, मैसूर की अगरबत्ती और कानपुर के लेदर उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। स्थानीय कला को बढ़ावा देने के लिए जयपुर की ब्लू पॉटरी, पारंपरिक मोजड़ियां और ब्लॉक प्रिंट के विशेष स्टॉल्स भी लगाए गए हैं।
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