पाकुड़ जिले में रविवार को मातृ दिवस पूरे उत्साह और भावनात्मक माहौल के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां माताओं को नमन कर उनके योगदान को याद किया गया। शहर के डीएवी पब्लिक स्कूल के सभा भवन में विशेष समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया। जिले के अन्य विद्यालयों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित कर मातृ शक्ति को सम्मान दिया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा माहौल, माताएं हुईं भावुक कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया। बच्चों ने नृत्य, गीत और रवींद्र संगीत की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही बच्चों ने हस्तनिर्मित कार्ड बनाकर अपनी माताओं को भेंट किए, जिससे माताएं भावुक हो उठीं। कार्यक्रम में मां-बच्चे के अटूट रिश्ते को दर्शाने के लिए विशेष गतिविधियां भी आयोजित की गईं। माताओं के लिए खेल और रैंप वॉक, दिखा उत्साह समारोह में माताओं के लिए भी कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए। खेलकूद प्रतियोगिताओं और रैंप वॉक में माताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यालय में आमंत्रित माताओं ने बच्चों के साथ समय बिताया और कार्यक्रम का आनंद लिया। पूरे आयोजन में मां और बच्चों के बीच प्रेम और अपनापन साफ झलक रहा था। टैगोर जयंती पर श्रद्धांजलि, मां को बताया पहली गुरु कार्यक्रम के दौरान कविगुरु रविंद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी श्रद्धा के साथ मनाई गई। प्राचार्य डॉ. विश्वदीप चक्रवर्ती सहित शिक्षकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि मां परिवार की धुरी होती है। वही बच्चों की पहली गुरु होती है, जो उन्हें जीवनभर सही मार्गदर्शन देती है।
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