राजगढ़ जिले के माचलपुर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रविवार को मातृ दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने कहा कि भगवान हर जगह नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने मां को बनाया है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अपने संबोधन में ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी ने मां के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां जीवन की पहली शिक्षिका, पहली दोस्त और सबसे बड़ी शुभचिंतक होती है। मां हर मुस्कान के पीछे खड़ी रहती है और अपनी ममता से बच्चों के हर दुख को दूर करती है। उन्होंने यह भी बताया कि मां खुद भूखी रहकर भी बच्चों को खिलाती है और परिवार के लिए सदैव मुस्कुराती रहती है। सीमा दीदी ने बच्चों से अपनी मां को समय देने, उनका सम्मान करने और उन्हें परिवार में उनकी विशेष भूमिका का एहसास कराने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मां का प्यार निस्वार्थ और बिना किसी अपेक्षा के होता है। कार्यक्रम के दौरान “भगवान हर जगह नहीं हो सकता, इसलिए मां को बनाया” और “मां बच्चों के जीवन की उस ज्योति की तरह है जो खुद जलकर बच्चों का जीवन रोशन करती है” जैसे संदेशों ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। कार्यक्रम का समापन सभी मातृ शक्तियों को सम्मानित करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
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