राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भैराणा धाम की जमीन रीको के देने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने मांग की कि रीको को वहां से हटाकर किसी दूसरी जगह स्थानांतरित करना चाहिए। हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाए कि इस पूरे मामले में सत्ता में बैठे नेताओं, उनके निजी भूमाफियाओं और कुछ प्रभावशाली लोगों के हित जुड़े हुए हैं। दरअसल, हनुमान बेनीवाल ने रविवार को दूदू क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भैराणा धाम बचाओ-रीको भगाओ आंदोलन स्थल पर पहुंचकर राज्य सरकार, रीको परियोजना और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा पर निशाना साधा। ‘जमीनों की कीमतें बढ़ाने का खेल’
उन्होंने कहा, “यहां कुछ नेताओं और उनके करीबियों की जमीनें हैं, जिनकी कीमतें बढ़ाने के लिए यह पूरा खेल चल रहा है।” बेनीवाल ने साधु-संतों के हर निर्णय में साथ देने का आश्वासन दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर एक लाख लोगों के साथ राजधानी में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा पर भी हमला बोला। बेनीवाल ने कहा, “हर किसी को जो पद मिला है, वह उनको पच नहीं रहा है। इस बार उनकी राजनीति का इलाज कर देंगे।” बेनीवाल ने चेतावनी दी कि अगर सरकार साधु-संतों की मांगें नहीं मानेगी तो भजनलाल सरकार की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि साधु-संत जो कहेंगे, वही होगा। मोखमपुरा पुलिया पर जेसीबी से फूल बरसाए
बेनीवाल का मोखमपुरा पुलिया पर आरएलपी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। मोखमपुरा सरपंच रामजीलाल निठारवाल और रामदयाल ओला के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने उन्हें मालाएं और साफा पहनाया। इस दौरान बुलडोजर से फूल बरसाकर उनका विशेष अभिनंदन किया गया। रैली निकालते हुए पहुंचे भैराणा धाम
इसके बाद बेनीवाल रैली के रूप में बिचून गांव होते हुए भैराणा धाम पहुंचे। आंदोलन स्थल पर उन्होंने साधु-संतों और ग्रामीणों को संबोधित किया। सभा के उपरांत उन्होंने दादूदयाल मंदिर में दर्शन भी किए। सभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि साधु-संत भैराणा धाम को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन की बात कर सत्ता में आई सरकार में ही साधु-संतों को धरने पर बैठना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आरएलपी कार्यकर्ता, साधु-संत और ग्रामीण मौजूद रहे।
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