बड़वानी से सटे बावनगजा के जंगलों में रविवार-सोमवार की रात भैरव मंदिर के पास आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी यह आग एक महीने के भीतर इस क्षेत्र में तीसरी घटना है। बड़वानी से पाटी जा रहे राहगीर कमल खरते ने आग देखकर वन विभाग और दमकल विभाग को सूचना दी। कमल खरते ने जंगल में आग की लपटें देखकर तुरंत कार्रवाई की। उन्हें आशंका थी कि यह आग कई जंगली जानवरों की मौत का कारण बन सकती है। उनकी तत्परता से दी गई सूचना के बाद वन विभाग और प्रशासन हरकत में आया। यदि समय रहते आग की जानकारी नहीं दी जाती, तो जंगल में रहने वाले अनेक वन्य जीव इसकी चपेट में आ सकते थे और कई हरे-भरे पेड़-पौधे जलकर राख हो जाते। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही आगजनी की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह पूरा क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आता है, लेकिन यहां किसी भी वन रक्षक या चौकीदार की तैनाती नहीं की गई है। इसी उदासीनता के कारण एक माह में तीसरी बार आग लगने की घटना हुई है। समय रहते काबू पाया इस संबंध में वन विभाग के रेंजर गुलाब सिंह बरडे ने बताया कि उन्हें आगजनी की सूचना मिली थी। उन्होंने पुष्टि की कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया है।
Source link
