पटना में चार दिन पहले TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ मंगलवार को मगध विश्वविद्यालय में छात्रों ने विरोध जताया। मगध विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, रिजल्ट में देरी और प्रतियोगी छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई अब आम बात हो गई है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और अपनी विफलताओं को दबाने के लिए आवाज उठाने वालों पर लाठी बरसा रही है। छात्र नेताओं ने कहा कि बिहार की परीक्षा प्रणाली लगातार अविश्वास के संकट में है। एक भी परीक्षा पारदर्शी तरीके से कराने में सरकार सफल नहीं दिख रही। शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचारियों और दलालों के हवाले हो चुकी है। इसका खामियाजा लाखों छात्र भुगत रहे हैं। छात्र संगठन के संयोजक बोले- स्टूडेंट्स हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे इंकलाब छात्र संगठन के संयोजक दीपक कुमार दांगी ने कहा कि छात्र अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय दमन कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र विरोधी करार देते हुए कहा कि छात्रों के सम्मान पर हमला किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। संगठन के संरक्षक कमलेश यादव ने साफ चेतावनी दी कि अगर सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करेगी तो छात्र-युवा सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। NSUI मगध विश्वविद्यालय अध्यक्ष संतोष कुमार सोनू ने कहा कि बिहार का छात्र पहले ही बेरोजगारी, पेपर लीक और बदहाल परीक्षा व्यवस्था से परेशान है। सरकार को लाठीचार्ज कराने के बजाय शिक्षा व्यवस्था सुधारनी चाहिए। AISA के सदस्य ने कहा- छात्र दमन से डरने वाले नहीं हैं AISA के सक्रिय सदस्य विकास यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र दमन से डरने वाले नहीं हैं। सरकार अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र एकजुट होकर जवाब देंगे। प्रदर्शन में राजेश यादव, अशोक यादव, विक्रम कुमार, अमित कुमार, अभिषेक राठौर, रवि कुमार, टीपू सुल्तान, सुजीत समेत सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की बिना शर्त रिहाई, दमनात्मक रवैये पर रोक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र होगा।
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