चित्तौड़गढ़ में बस यात्रा के दौरान 50 लाख रुपए चोरी होने का मामला सामने आया है। गुजरात निवासी एक युवक भीलवाड़ा की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में कुछ बदमाशों ने उसे बातों में उलझाकर नकदी से भरा बैग और मोबाइल लेकर फरार हो गए। घटना करीब 27 दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन शुरुआत में युवक पर ही शक होने के कारण मामला दर्ज नहीं हो पाया। बाद में जब पूरी स्थिति साफ हुई तो पीड़ित ने कोतवाली थाने पहुंचकर रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह रकम हवाला कारोबार से जुड़ी बताई जा रही है। सेठ ने रुपए पहुंचाने की जिम्मेदारी युवक को दी थी कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि गुजरात के चारडा गांव निवासी विजयभाई राजपूत ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उसने बताया कि वह फिलहाल चित्तौड़गढ़ के प्रतापनगर इलाके में किराए से रह रहा है और एक ट्रेवल्स कंपनी का काम संभालता है। 15 अप्रैल को उसके सेठ ने उसे 50 लाख रुपए भीलवाड़ा पहुंचाने के लिए दिए थे। अगले दिन सुबह करीब 4:50 बजे वह नकदी से भरा बैग लेकर आरटीसी ट्रेवल्स की बस में सवार हुआ। बस कलेक्ट्रेट चौराहे से रवाना हुई थी और उसे भीलवाड़ा जाना था। सफर के दौरान उसके पास बैठा एक युवक लगातार उससे बातचीत करता रहा और धीरे-धीरे उसे अपने विश्वास में ले लिया। विजयभाई को उस समय इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ बड़ी वारदात होने वाली है। रास्ते में बस रुकवाकर बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम रिपोर्ट के अनुसार जब बस कान्याखेड़ी गांव के पास पहुंची तो वहां एक सफेद रंग की बिना नंबर की बलेनो कार आकर रुकी। कार में सवार दो युवकों ने बस रुकवाई और बस में बैठे युवक को आवाज लगाई। इसके बाद तीनों ने मिलकर विजयभाई को भी बहाने से बस से नीचे उतार लिया। नीचे उतरने के बाद आरोपी उससे बातचीत करते रहे और मौका मिलते ही उसका बैग और मोबाइल लेकर कार में बैठकर फरार हो गए। बैग में पूरे 50 लाख रुपए रखे हुए थे। घटना इतनी तेजी से हुई कि विजयभाई कुछ समझ ही नहीं पाया। आरोपी उसे सड़क किनारे छोड़कर भाग निकले। बाद में उसे पता चला कि उसके साथ ठगी और चोरी की वारदात हो चुकी है। युवक सदमे में गांव लौट गया, बाद में दर्ज हुई रिपोर्ट घटना के बाद विजयभाई काफी घबरा गया और मानसिक तनाव में अपने गांव चला गया। इतनी बड़ी रकम गायब होने के कारण पहले उसके सेठ और कंपनी के मैनेजर को उसी पर शक हुआ। इसी वजह से तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई। बाद में सेठ ने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई और जब यह स्पष्ट हुआ कि विजयभाई खुद भी वारदात का शिकार हुआ है, तब उसे वापस चित्तौड़गढ़ बुलाया गया। इसके बाद उसने कोतवाली थाने पहुंचकर पूरी घटना पुलिस को बताई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बस में लगे सीसीटीवी कैमरों और रास्ते के फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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