टॉपर दीपिका (सफेद ड्रेस में) ने बताया कि यह सफलता उसने सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की है। प्रदेश में तीसरा स्थान करने वाली योगिता ( ब्लू ड्रेस में) बोलीं- सोशल मीडिया पर उसका कोई भी अकाउंट नहीं है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) के 12वीं के परिणामों में रेवाड़ी जिले के गांव जांट की रहने वाली दीपिका ने 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। उन्होंने विवेकानंद विद्या मंदिर, चिल्लर से पढ़ाई की और बेटियों के दबदबे को बरकरार रखते
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समाजशास्त्र के लेक्चरर अशोक मेघवाल की इस होनहार बेटी दीपिका की इस सफलता की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इसके लिए कोई भारी-भरकम कोचिंग नहीं ली। उन्होंने पूरी तरह सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया और प्रतिदिन 6 से 7 घंटे लगन के साथ पढ़ाई की।
दीपका ने बताया कि रिजल्ट आने पर हरियाणा टॉप करने की बात पापा से सुनीं तो उसका पूरा शरीर कांपने लगा। आंखों में आंसू भर आए। उसे पहली बार लगा कि आज पापा भी मेरे साथ मजाक कर रहे हैं। अपनी आंखों से रिजल्ट देखने पर उसे विश्वास हुआ। वह आईएएस बनना चाहती हैं।
वहीं, रुड़की (रोहतक) के कन्या गुरुकुल की उदिता 500 में से 498 नंबर लेकर स्टेट में दूसरे नंबर पर रही। उसने सफलता का मंत्र मोबाइल फोन से दूरी को बताया है। इसके साथ ही पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्र हल किए, जिससे काफी मदद मिली। अब उसका सपना एनडीए में जाने का है।
उधर, 500 में से 497 अंक हासिल कर स्टेट में थर्ड टॉपर बनीं योगिता ने कहा कि उसका सपना भी आईएएस बनना है। वो 7 घंटे पढ़ाई करती थी। मोबाइल सिर्फ पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर उसका कोई भी अकाउंट नहीं है। पढ़िए हरियाणा स्टेट टॉपर्स की सक्सेस स्टोरी….
शिक्षामंत्री महीपाल ढांडा ने पिता के फोन पर फोन कर दीपिका को बधाई दी। शिक्षामंत्री ने हरियाणा टॉपर से कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार से अपने गोल पर फोकस रखना।
दीपिका ने रिजल्ट पर कही ये बातें…
- निरंतरता को कभी कम नहीं होने दिया : दीपिका ने कहा कि फोन का प्रयोग पढ़ाई के लिए अधिक करती थी। इंटरटेनमेंट के लिए कुछ समय के लिए ही सोशल मीडिया देखती थी। मैं बच्चों को भी यही कहना चाहूंगी की केवल अपने गोल पर फोकस रखें। जहां तक संभव हो सोशल मीडिया और इधर-उधर अपना ध्यान भटकाने से बचें।
- पिता हैं प्रेरणा के स्रोत : दीपिका के पिता, अशोक मेघवाल, सरकारी स्कूल में समाजशास्त्र (Sociology) के लेक्चरर हैं। घर में शिक्षा का माहौल होने और पिता के मार्गदर्शन ने दीपिका को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कहा कि मेरी सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता और स्कूल टीचर्स को देना चाहूंगी। जो हर समय मेरे साथ खड़े रहे और मुझे बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
- काजू कतली और फाइन आर्ट पंसदीदा : दीपिका ने बताया कि खाने में उसे काजू कतली पसंद है। राजनीति पंसदीदा विषय है। फाइन आर्ट भी उसे पसंद है। पढ़ाई के लिए उसे एकांत पंसद है। स्कूल से आने के बाद एक घंटा सोती हूं, रात को एक बजे तक पढ़ाई करती थी। सुबह 6 बजे उठकर स्कूल चली जाती थी। जब स्कूल नहीं जाना होता 7 से 8 बजे के बीच उठती थी। शाम को सड़क पर सैर करने नियमित रूप से जाती हूं।
- भविष्य का लक्ष्य देश सेवा : अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए दीपिका ने बताया कि उसकी इच्छा सिविल सर्विस में जाने की है। सिविल सर्विस ही एक ऐसा क्षेत्र हैं, जहां समाज व देख के लिए बेहतर किया जा सकता है। दीपिक ने बताया जब उनके स्कूल की एक लड़की ने जिला टॉप किया था, तभी उसके मन में ऐसी जिज्ञासा पैदा हो गई थी। अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन में आज प्रदेश टॉपर बनकर मैं एक सीढ़ी चढ़ गई हूं। मेरा वास्तविक गोल आज भी सिविल सर्विस में जाना है और इसके लिए और अधिक मेहनत करूंगी।

दीपिका को मिठाई खिलातीं उप प्राचार्या एवं हिंदी शिक्षिका प्रोमिला यादव और साथ में उसके माता-पिता।
- परिवार ने हर कदम पर दिया साथ : दीपिका की मां सुजाता हाउसवाइफ हैं। वे बीए पास है। दीपिका की पढ़ाई के दौरान उनकी सबसे बड़ी ढाल बनीं। दादाजी, हरियाणा रोडवेज से सेवानिवृत्त हैं, जिनका अनुभव और आशीर्वाद दीपिका के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहा। बीए पास मां सुजाता हाउस वाइफ है। बड़ा भाई 12वीं पास कर अब कोचिंग ले रहा है।
- माता-पिता बोले, स्कूल टीचरों की देन: पिता अशोक कुमार और मां सुजाता ने कहा कि दीपिका की इस उपलब्धि में उसकी अपनी मेहनत और उसके स्कूल शिक्षकों का अधिक योगदान है। हमनें तो उसे केवल माहौल दिया है। हम चाहते हैं कि वह सिविल सर्विस में जाए, परंतु अंतिम फैसला उसका अपना होगा। अशोक ने कहा कि दीपिका ने आज साबित कर दिया कि एक सामान्य बच्चा भी ऊंचा मुकाम हासिल कर सकता है। ऊंचे सपनों पर केवल विशेष बच्चों का एकाधिकार नहीं है। बस इसके लिए उन्हें अपना लक्ष्य निर्धारित करना होगा।
- स्कूल डायरेक्टर बोले, हर क्षेत्र में अग्रणी : विवेकानंद विद्या मंदिर के डॉयरेक्टर दिनेश कुमार यादव ने कहा कि दीपिका केवल पढ़ाई में ही नहीं, स्कूल की हर एक्टिविटी में सामान्य बच्चों की तरह भाग लेती थी। योगा में स्टेट लेवल तक खेल चुकी है। दीपिका की मेहनत को देखकर परीक्षा से तीन महीने पहले दीपिका को साथ लेकर हमने लक्ष्य निर्धारित किया था। उप प्राचार्या एवं हिंदी शिक्षिका प्रोमिला यादव ने कहा कि दीपिका पर हमें गर्व है तथा इससे पहले भी हमारा स्कूल जिला टॉप कर चुका है। आगे भी हम ऐसे प्रदर्शन को जारी रखने का प्रयास करेंगे।
यूपी की बेटी बनीं हरियाणा स्टेट की सेकेंड टॉपर
विश्ववारा कन्या गुरुकुल रुड़की रोहतक की छात्रा उदीता ने 498 अंकों के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। मूलरूप रुप में यूपी के बागपत के गांव लुहारी की रहने वाली उदीता के पिता नीरज कुमार किसान और मां नीलम देवी गृहिणी है। उदीता पांचवीं कक्षा से विश्ववारा कन्या गुरुकुल रुड़की रोहतक में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। उदिता ने कक्षा 10वीं में भी 94.25 अंक हासिल किए थे।
उदीता का सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना है। उदिता ने सफलता का मंत्र मोबाइल फोन से दूरी को बताया है। बताया कि सफलता हासिल करने में गुरुकुल आचार्य से मिली प्रेरणा का अहम रोल रहा है। वहीं, इसके साथ ही पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्र हल किए, जिससे काफी मदद मिली।

प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने वाली योगिता उचाना क्षेत्र के काकड़ोद गांव की रहने वाली हैं।
स्टेट टॉपर योगिता बोलीं- आईएस बनकर करूंगी देश की सेवा
पिता किसान और मां गृहिणी उचाना क्षेत्र के काकड़ोद गांव की रहने वाली बेटी योगिता ने आर्ट संकाय में 497 नंबर प्राप्त करके तीसरा स्थान प्रदेश में पाया है। तीसरा स्थान प्राप्त किया। योगिता पुत्री बलवान बुड़ायन गांव के शिक्षा भारती ग्लोबल स्कूल की छात्रा है। योगिता किसान परिवार है। दो भाई बहनों में वो बड़ी है। योगिता ने बताया कि 10वीं कक्षा में भी वो प्रदेश में तीसरे स्थान पर रही थी। योगिता ने बताया कि उसके पिता बलवान खेती करते है और कविता गृहणी है।
कोई भी सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं
आईएएस बनना उसका सपना है। वो 7 घंटे पढ़ाई करती थी। मोबाइल सिर्फ पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया। कोई भी सोशल मीडिया पर उसका अकाउंट नहीं है। परिवार के साथ-साथ स्कूल स्टॉफ को इसका श्रेय योगिता ने दिया। पिता बलवान, माता कविता ने कहा कि बेटी ने गांव का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया है। बेटी आज बेटों से कम नहीं है। बेटी का आईएएस बनने का सपना है जिसे वो कड़ी मेहनत से पूरा करेंगी।
ग्रामीण अंचल के बच्चे निरंतर सफल हो रहे
प्रिंसिपल हरेंद्र कुमार ने इस उपलब्धि के लिए स्कूल स्टॉफ, योगिता को बधाई देते हुए कहा कि ये ग्रामीण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। ग्रामीण अंचल के बेटे, बेटी निरंतर स्थान प्राप्त कर रहे है। योगिता पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल थी। योगिता ने स्कूल, क्षेत्र एवं जिले का नाम रोशन करने का काम किया है।

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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने मंगलवार को 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया। इस बार पास प्रतिशत 84.67% रहा। स्टेट टॉपर्स के पहले तीन स्थानों पर चार लड़कियों ने कब्जा जमाया। चिल्लर (रेवाड़ी) के विवेकानंद विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दीपिका ने 500 में से 499 अंक लेकर स्टेट में टॉप किया। (पूरी खबर पढ़ें)
