बरेली की ऐतिहासिक लीलौर झील अब नए रंग-रूप में नजर आएगी। लीलौर झील को अब एक नए पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिलने जा रही है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक के दौरान डीएम अविनाश सिंह ने इसके सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि झील परिसर में सभी जरूरी इंतजाम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव और सुविधाएं मिल सकें। बुनियादी सुविधाओं और लैंडस्केपिंग पर जोर
झील के स्वरूप को निखारने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में तय हुआ कि वन विभाग खाली जमीन पर सघन वृक्षारोपण करेगा, वहीं पर्यटन विभाग की देखरेख में कैफेटेरिया और मल्टीपर्पज हॉल के पास शौचालयों का निर्माण होगा। इसके साथ ही झील के प्रवेश पर एक भव्य यक्ष द्वार भी बनाया जाएगा, जो इसकी सुंदरता में चार चांद लगाएगा। सुरक्षा और लाइटिंग के कड़े इंतजाम
शाम के समय झील को सुरक्षित और चमकदार बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। जिलाधिकारी ने पूरे परिसर में आकर्षक लाइटिंग के साथ-साथ हाईमास्क लाइटें लगाने को कहा है। सुरक्षा की दृष्टि से झील परिसर में एक पुलिस चौकी भी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा राजस्व बढ़ाने और स्थानीय रोजगार के लिए मत्स्य पालन के पट्टे आवंटित करने की प्रक्रिया को भी हरी झंडी दी गई है। अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने की हिदायत
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, एसडीएम आंवला विदुषी सिंह और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी को निर्देशित किया कि इस प्रोजेक्ट में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। उद्यान, खनन और विकास खंड अधिकारियों को आपस में तालमेल बिठाकर काम को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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