हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कमला नेहरू (KNH) अस्पताल से गायनी OPD को IGMC शिफ्ट करने पर रोक लगा दी है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सेक्रेटरी फालमा चौहान द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई पर डबल बैंच ने यह अंतरिम आदेश पारित किए।
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हाईकोर्ट ने आज राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस मसले पर विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट के यह आदेश सरकार के लिए बड़ा झटका माने जा रहे हैं, क्योंकि जनवादी महिला समिति के साथ साथ बीजेपी और माकपा भी गायनी ओपीडी शिफ्ट करने का विरोध कर रही थी।
डॉक्टर भी इसके विरोध में उतर आए थे। डॉक्टरों ने इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि गायनी और प्रसूति विभाग को अलग-अलग संचालित करना उचित नहीं है।
KNH से गायनी ओपीडी शिफ्ट करने के विरोध में नारेबाजी करते हुए जनवादी महिला समिति। -फाइल फोटो।
केएनएच और आईजीएमसी के बाहर प्रदर्शन
महिला समिति ने केएनएच और आईजीएमसी के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस मसले पर बीजेपी भी राज्यपाल से मिलने पहुंची और फैसले पर रोक की मांग की। सरकार के नहीं मानने पर अब मामला हाईकोर्ट पहुंचा है।
गायनी ओपीडी की शिफ्टिंग के पीछे कांग्रेस सरकार का तर्क है कि IGMC में बेहतर उपचार के लिए यह फैसला लिया है। यहां पर महिलाओं को रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलेगी।
102 साल पुराने अस्पताल की व्यस्था बदली
बता दें कि केएनएच शिमला 102 साल पुराना स्टेट लेवल का महिला एवं शिशु अस्पताल है। सरकार ने बीते एक मई से यहां से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है। इसका जबरदस्त विरोध हो रहा है और महिला मरीजों को भी परेशानिया झेलनी पड़ रही है।
