पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) अनंदिता मिश्रा जानकारी देतीं हुईं।
पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता हैं।
.
SIR के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि गलत, फर्जी या दोहराए गए नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाएंगे। इससे पहले पंजाब में आखिरी बार 2005 में SIR हुआ था।
पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) अनंदिता मिश्रा ने कहा कि SIR के लिए दो फॉर्म भरे जाएंगे। एक कॉपी मतदाता को दी जाएगी। अगर दरवाजा बंद रहा या घर में नहीं है, तो BLO फॉर्म दरवाजे के अंदर डालेगा। इसके बाद भी अगर वो नहीं मिलते हैं, तो BLO महीने में तीन बार जाएगा।
2025 को जिसका नाम मतदाता सूची में है, उसे फॉर्म भरना होगा। अगर किसी का फॉर्म वापस नहीं मिलता है, तो बीएलओ लिस्ट तैयार करेगा। लिस्ट चार कैटागिरी में बनाएंगे। इसमें डिलीट, शिफ्ट, डेथ, डुप्लीकेट कैटागिरी होगी। उनकी लिस्ट को सार्वजनिक की जाएगी।
31 जुलाई को वोटर सूची का ड्राफ्ट जारी होगा। 31 जुलाई से 30 अगस्त तक आपत्ति दर्ज करवाई जा सकेगी। 28 सितंबर तक इनका निपटारा किया जाएगा। 30 सितंबर तक फाइनल वोटर लिस्ट प्रिंट की जाएगी। इसके बाद 1 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
CEO अनंदिता मिश्रा की अहम बातें
- इन्यूमिरेशन फार्म की दो कॉपियां भरेंगे: अनंदिता मिश्रा ने कहा कि SIR के लिए जब बीएलओ मतदाता के पास जाएंगे तो फॉर्म की दो प्रतियां भरेंगे। फार्म भरने के बाद एक प्रति मतदाता को देंगे और साइन करवाकर एक कॉपी अपने पास रखेंगे।
- घर बंद रहा तो दरवाजे के नीचे फेंकेंगे फार्म: उन्होंनें ने स्पष्ट किया कि अगर घर का गेट बंद है, तो बीएलओ फॉर्म दरवाजे के नीचे से घर के अंदर फेंकेगा। महीने में उन घरों में तीन चक्कर लगाएगा। अगर उसके बाद भी नहीं आता है, तो उसका नाम लिस्ट में शामिल करेगा।
- इन लोगों का भरना होगा फॉर्म: उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम 2025 की मतदाता सूची में है, उन सबको फार्म भरना होगा। उन्होंने कहा कि चाहे उसका 2003 की मतदाता सूची से लिंक हुआ है या नहीं।
- वापसी वाले फॉर्म की बनेगी सूची: उन्होंने कहा कि जो फॉर्म वापस नहीं आएंगे, बीएलओ उनकी लिस्ट तैयार करेगा। लिस्ट में चार कैटागिरी होंगे- जिसमें डिलीट, शिफ्ट, डेथ और डुप्लीकेट कैटागिरी होंगी। बीएलओ इन सूचियों को सार्वजनिक करेगा। उसके बाद बीएलए के साथ बैठक करेगा और उनसे इनकी पुष्टि करवाएगा। मतदाओं से संपर्क करेग और फिर पुष्टि के बाद ड्राफ्ट लिस्ट जारी होगी।
- वापस आए फॉर्म से बनेगी ड्राफ्ट लिस्ट: उन्होंने कहा कि बीएलओ से जितने फॉर्म वापस आएंगे, उनको ही ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल किया जाएगा। जो फॉर्म वापस नहीं आएंगे उन्हें ड्राफ्ट लिस्ट में जगह नहीं मिलेगी।
- ऑब्जेक्शन के लिए भरने होंगे फॉर्म 6 व 8: उन्होंने कहा कि जिनके नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट में नहीं होंगे, वो फॉर्म 6 भर कर अपना ऑब्जेक्शन दर्ज करवा सकेंगे। अगर लिस्ट में कोई गलती है तो उसके लिए फॉर्म आठ भरा जाएगा। खासबात यह है कि फॉर्म सिर्फ वही मतदाता ही भरेगा।
- नोटिस जारी करेंगे ईआरओ: उन्होंने ने कहा कि 31 जुलाई से 28 सितंबर तक नोटिस का फेज रहेगा। ईआरओ उनको नोटिस देंगे, जिनकी लिकिंग नहीं हुई है। अभी तक राज्य में 83 प्रतिशत लिंकिंग हो चुकी है। लिंकिंग में अगर कोई खामी पाई जाएगी तो नोटिस दिया जाएगा। नोटिस पीरियड 7 दिन का होगा। उसके बाद उन्हें सुना जाएगा और फिर ईआरओ स्पीकिंग ऑर्डर जारी करेंगे। अगर मतदाता को ईआरओ के ऑर्डर से संतुष्ट नहीं है तो वो डीसी के पास अपील कर सकते हैं। अगर डीसी के ऑर्डर से संतुष्ट नहीं हैं वो सीईओ पंजाब से संपर्क करें।

SIR का इन लोगों पर असर होगा
पिछले 20 वर्षों में पंजाब से विदेशों की ओर भारी पलायन हुआ है। पंजाब का युवा वर्ग शिक्षा और बेहतर भविष्य की तलाश में विशेष रूप से कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूके जैसे देशों में बस गया है। इनमें से लाखों लोग अब उन देशों के स्थायी निवासी (PR) या नागरिक बन चुके हैं।
भारतीय संविधान के अनुसार, भारत में दोहरी नागरिकता या दोहरा वोट डालने का कोई प्रावधान नहीं है। जैसे ही कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता लेता है, वह भारत का मतदाता रहने का अधिकार खो देता है। लेकिन पिछले दो दशकों से पंजाब में कोई गहन डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं हुआ, इसलिए ऐसे लाखों लोगों के नाम आज भी मतदाता सूची में दर्ज हैं जो अब वास्तव में यहां के निवासी नहीं हैं। अब SIR में इनके नाम कट सकते हैं।
SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें
1. SIR क्या है?
यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है।
2. पहले किस राज्य में हुआ?
पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई।
3. कौन करता है?
ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं।
4. SIR में वोटर को क्या करना होगा?
SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।

5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य?
- पेंशनर पहचान पत्र
- किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
- जन्म प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट
- 10वीं की मार्कशीट
- स्थायी निवास प्रमाणपत्र
- वन अधिकार प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र
- राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
- परिवार रजिस्टर में नाम
- जमीन या मकान आवंटन पत्र
- आधार कार्ड
6. SIR का मकसद क्या है?
1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना।
डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
नेता विपक्ष बोले- कांग्रेस हर बूथ पर बीएलए तैनात करेगी
इस मुद्दे पर नेता विपक्ष और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि SIR के दौरान लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा- गांव उसी का बचता है, जिसका चौकीदार जागता है। ऐसा न हो कि बाद में पछताना पड़े।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आखिरी दम तक अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी और SIR प्रक्रिया पर पूरी नजर रखेगी। पार्टी अपने वोटरों का ध्यान रखेगी और जिन लोगों की नई वोट बननी है, उनकी वोट भी बनवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हर बूथ पर अपने बीएलए तैनात कर रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और किसी की वोट गलत तरीके से न काटी जा सके।
***********
पंजाब में घर बैठे कैसे करें स्वगणना: फॉर्मेलिटी क्या, OTP किसे देना, 33 सवाल कौन से पूछेंगे; स्टैप बाई स्टैप डिटेल पढ़ें

पंजाब के 23 जिलों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके पहले चरण में 14 मई तक स्वगणना होगी। यानी लोग कहीं से भी ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। यह पोर्टल रोजाना सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक काम करेगा। (पढ़ें पूरी खबर)
