मोहाली के डेराबस्सी क्षेत्र में जहरीले प्रदूषण के अवैध कारोबार का एक और मामला सामने आया है। मुबारिकपुर इलाके में पुलिस ने एक ऐसे टैंकर को जब्त किया है, जिसमें फैक्ट्रियों का दूषित केमिकल युक्त पानी भरा था। शुरुआती जांच में पता चला कि टैंकर को विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया था ताकि रास्ते में ही जहरीले पानी को चोरी-छिपे बाहर निकाला जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद मुबारिकपुर क्षेत्र में जांच के दौरान उक्त टैंकर को रोका गया। चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने टैंकर की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि टैंकर के नीचे तीन बड़े पाइप लगे थे, जबकि टूल बॉक्स में अलग से डिस्चार्ज वाल्व छिपाकर रखे गए थे। टैंकर में गुप्त पाइपलाइन और एक विशेष डिस्चार्ज सिस्टम भी लगाया गया था। फैक्ट्रियों का जहरीला पानी खुले में बहाते थे प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन विशेष उपकरणों का इस्तेमाल चलते वाहन से जहरीले पानी को अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से फेंकने के लिए किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि यह काम लंबे समय से सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था और इसके पीछे एक बड़े नेटवर्क की भूमिका हो सकती है।
प्रदूषण विभाग ने सैंपल लेकर शुरू की जांच मामले की सूचना मिलने पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने टैंकर से पानी के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अशप्रीत सिंह ने बताया कि इस प्रकार के मॉडिफाई टैंकरों का इस्तेमाल आमतौर पर फैक्टरी के दूषित पानी को अवैध तरीके से बाहर फेंकने के लिए किया जाता है। सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन अवैध नेटवर्क में शामिल लोगों की तलाश पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि टैंकर किस फैक्टरी से जुड़ा था और इस अवैध गतिविधि में कौन लोग शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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