राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किए गए अमृतसर निवासी कथित नार्को-आतंकी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को दिल्ली लाकर अदालत में पेश किया। अदालत ने एनआईए को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी है, जिसके बाद एजेंसी उसे पंजाब ले जाकर पूछताछ करेगी। एनआईए के मुताबिक, शेरा लंबे समय से ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था, जो पाकिस्तान सीमा से मादक पदार्थों की तस्करी करता था। जांच में सामने आया है कि ड्रग्स से होने वाली कमाई हवाला के जरिए पाकिस्तान और कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों तक पहुंचाई जाती थी। एजेंसी का दावा है कि इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में किया जाता था। अधिकारियों के अनुसार, शेरा ने पंजाब में एक संगठित गिरोह तैयार किया था, जो हेरोइन की खेप मंगाने, सप्लाई करने और उससे मिली रकम आतंकियों तक पहुंचाने का काम करता था। उसका संपर्क हिज्ब-उल-मुजाहिदीन से जुड़े तत्वों के साथ भी बताया जा रहा है। यह मामला पहली बार साल 2020 में सामने आया था, जब पंजाब पुलिस ने हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के सहयोगी हिलाल अहमद शेरगोजरी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 29 लाख रुपए नकद बरामद हुए थे। बाद में अलग-अलग जगहों से 32 लाख रुपए और मिले। जांच आगे बढ़ी तो मामला एनआईए को सौंप दिया गया। शेरा के खिलाफ अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था और जून 2021 में इंटरपोल ने भी नोटिस जारी किया। लंबे कानूनी प्रयासों के बाद अब उसे पुर्तगाल से भारत लाया गया है। कल बुधवार को पुर्तगाल से लाया गया भारत लंबे कानूनी प्रयासों के बाद उसे पुर्तगाल से भारत लाया गया। अब एजेंसी उसके जरिए सीमापार तस्करी और आतंकी फंडिंग के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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