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आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा: स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा:  स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

हमारी जिंदगी पहले से ज्यादा स्मार्ट और ‘कनेक्टेड’ हो गई है। मनोरंजन, सुविधा और सोशल मीडिया के इस दौर में यही कनेक्टिविटी अब हमारी निजता के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही है। ओटीटी प्लेटफॉर्म, स्मार्ट टीवी, स्मार्ट फोन, स्मार्ट कारें और यहां तक कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सेल्फी भी अब डेटा चोरी और निगरानी का जरिया बन रही हैं। मानें या न मानें, आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी भी डिजिटल निगरानी के दायरे में आ चुकी है। अक्सर कंपनियां जाने-अनजाने में सहमति ले लेती हैं क्योंकि अधिकांश यूजर गोपनीयता नीति को पढ़े बिना अपनी रजामंदीं दे देते हैं। डिजिटल निगरानी – रोजमर्रा की जिंदगी पर है उपकरण या सुविधा बेचने वाली कंपनियों की नजर स्मार्टफोन- कई एप बैकग्राउंड में आपकी बातें सुनकर आपको आपकी पसंद के विज्ञापन दिखाते हैं। जीपीएस और सेंसर की मदद से आपकी हर मूवमेंट को ट्रैक किया जाता है। स्मार्ट टीवी- कई स्मार्ट टीवी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकॉग्निशन के जरिये ट्रैक करते हैं कि आप क्या देख रहे हैं। टीवी में लगे माइक्रोफोन आपकी निजी बातचीत रिकॉर्ड कर सकते हैं। स्मार्ट स्पीकर- एलेक्सा और गूगल होम जैसे डिवाइस ‘वेक वर्ड’ (उन्हें एक्टिव करने वाले आदेश) के इंतजार में हर समय बातें सुनते हैं। ये बातें रिकॉर्ड करके कंपनियों को भेज सकते हैं। वाई-फाई राउटर- साइंस डायरेक्ट मैगजीन में छपे नवीनतम शोध के अनुसार, वाई-फाई राउटर बीम-फॉर्मिंग फीडबैक (बीएफआई) के जरिए कमरे में मौजूद लोगों की गतिविधियों को 99% सटीकता से पहचान सकते हैं। कनेक्टेड कारें- कार की सीटों, डैशबोर्ड, इंजन, स्टीयरिंग व्हील जैसी लगभग हर जगह लगे सेंसर आपका डेटा रिकॉर्ड करते हैं। मोजिला फाउंडेशन की प्राइवेसी नाइटमेयर ऑन व्हील्स रिपोर्ट के मुताबिक कई कारें संवेदनशील डेटा एकत्र कर रही हैं। 25 कारों के सर्वे में 19 ने कहा कि वे ये डेटा बेच सकती हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म के खिलाफ मुकदमा अमेरिका में टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने नेटफ्लिक्स पर मुकदमा किया है। आरोप है कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने यूजर्स यहां तक कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखी और बिना स्पष्ट सहमति के उनकी जानकारी इकट्ठा की। सुरक्षा के लिए ये उपाय अपनाएं – किसी भी एप को केवल जरूरी परमिशन ही दें। अलाऊ ऑल जैसी अनुमतियां न दें। – माइक्रोफोन, कैमरा और लोकेशन हमेशा व्हाइल यूजिंग मोड पर एक्टिव करें। – एप परमिशन की नियमित रूप से समीक्षा करें। हमेशा मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और समय-समय पर बदलते रहें। – जहां संभव हो, ‘पासकी’ और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का ही इस्तेमाल करें। – कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में अनावश्यक एप और हर समय अकाउंट लॉगिन न रखें। -नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करें। ब्लूटूथ, वाई-फाई ऑटो-कनेक्ट बंद रखें।



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