पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़ी जंग के बीच विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने लुधियाना में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस की टीम ने पावरकॉम (PSPCL) दफ्तर में दबिश देकर दो SDO और एक क्लर्क को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कि
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विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई लुधियाना निवासी प्रिंस निजहावन की शिकायत पर की गई है। सोलर सिस्टम का काम शिकायतकर्ता प्रिंस सोलर सिस्टम लगाने का काम करता है।अधिकारियों की डिमांड प्रिंस ने दो अलग-अलग जगहों पर सोलर सिस्टम लगाए थे। नियमानुसार PSPCL को इन सिस्टम्स का निरीक्षण (Inspection) कर मीटर इंस्टॉल करने थे। प्रति फाइल 10 हजार की मांग आरोप है कि SDO जस्कंवरप्रीत सिंह, SDO श्रुति शर्मा और क्लर्क आशु ने इन दोनों फाइलों को क्लियर करने और निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने के बदले 20,000 रुपए (10 हजार प्रति फाइल) की डिमांड की थी।
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग से संपर्क किया और भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करने की ठान ली।
विजिलेंस ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच की और जाल बिछाया। तय सौदे के अनुसार प्रिंस को पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपए लेकर अधिकारियों के पास भेजा गया। जैसे ही प्रिंस ने पैसे अधिकारियों को थमाए पहले से तैयार विजिलेंस की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग, लुधियाना ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
आगे की जांच जारी है:
बयूरो अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या ये अधिकारी पहले भी इसी तरह लोगों से अवैध वसूली करते रहे हैं। इनके कार्यालय रिकॉर्ड और फाइलों की भी स्क्रूटनी की जा रही है।
