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चांदी के आयात पर सरकार ने पाबंदी लगाई: अब विदेश से मंगाने के लिए लाइसेंस जरूरी; 3 दिन पहले इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी

चांदी के आयात पर सरकार ने पाबंदी लगाई:  अब विदेश से मंगाने के लिए लाइसेंस जरूरी; 3 दिन पहले इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी


नई दिल्ली18 मिनट पहले

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केंद्र सरकार ने शनिवार को चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब 99.9% शुद्धता वाला सिल्वर बार, अनरॉट सिल्वर ( कच्ची चांदी), चांदी पाउडर और सोने या प्लेटिनम की परत चढ़ी चांदी को विदेश से मंगाने के लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी।

पहले इनका आयात आसानी से किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। सरकार का कहना है कि गैर-जरूरी आयात कम करने और विदेशी मुद्रा के खर्च को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

इससे पहले 13 मई सरकार ने सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था।

इस फैसले का असर आसान सवाल-जवाब में समझते हैं…

सवाल 1: सरकार ने चांदी के इम्पोर्ट को लेकर क्या नया आदेश जारी किया है?

जवाब: सरकार ने नए नोटिफिकेशन के जरिए चांदी की कई कैटेगरीज के आयात नियम सख्त कर दिए हैं। अब तक चांदी का इम्पोर्ट ‘फ्री’ कैटेगिरी में था, जिसे बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ (प्रतिबंधित) कैटेगिरी में डाल दिया गया है।

सवाल 2: इस पाबंदी के दायरे में चांदी के कौन-कौन से प्रोडक्ट्स आएंगे?

जवाब: नए नियमों के तहत अब कोई भी कंपनी या कारोबारी सिल्वर बार (चांदी की सिल्लियां), अनरॉट सिल्वर (बिना गढ़ी कच्ची चांदी), चांदी का पाउडर या सेमी-मैन्युफैक्चरर्ड सिल्वर सीधे भारत नहीं ला सकेगा।

सवाल 3: अगर कोई चांदी भारत मंगाना चाहता है, तो अब उसका क्या तरीका होगा?

जवाब: अब चांदी का इम्पोर्ट करने के लिए कंपनियों को सरकार से लाइसेंस लेना होगा। इसके बिना कस्टम क्लीयरेंस नहीं मिलेगा। साथ ही, चांदी की कुछ खास कैटेगरीज को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी के दायरे में भी लाया गया है।

सवाल 4: सरकार को चांदी के इम्पोर्ट पर अचानक यह प्रतिबंध क्यों लगाना पड़ा?

जवाब: इसका मुख्य उद्देश्य कीमती धातुओं के तेजी से बढ़ते आयात को रोकना है। बढ़ते इम्पोर्ट से देश का इम्पोर्ट बिल (आयात खर्च) और व्यापार घाटा (ट्रेड डेफिसिट) बढ़ रहा है। इसे कंट्रोल करने और विदेशी बाजार के दबाव के बीच रुपये को मजबूती देने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।

सवाल 5: एक्सपोर्टर्स के लिए ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ स्कीम में क्या बदलाव हुआ है?

जवाब: विदेश व्यापार महानिदेशक (DGFT) ने इस स्कीम के तहत ड्यूटी-फ्री (बिना टैक्स) सोना मंगाने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब कोई भी एक्सपोर्टर एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम तक ही सोना इम्पोर्ट कर पाएगा। इससे ज्यादा सोना मंगाने की अनुमति नहीं होगी।

सवाल 6: जो लोग पहली बार ड्यूटी-फ्री सोने के लिए अप्लाई कर रहे हैं, उनके लिए क्या नियम है?

जवाब: नए आवेदकों के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। पहली बार अप्लाई करने वाले एक्सपोर्टर्स को अप्रूवल से पहले अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी या फैक्ट्री की भौतिक जांच करानी होगी। अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही लाइसेंस जारी होगा।

सवाल 7: पुराने एक्सपोर्टर्स जो दोबारा लाइसेंस (रिपीट ऑथराइजेशन) चाहते हैं, उनके लिए क्या शर्त है?

जवाब: DGFT ने रिपीट आवेदकों के लिए भी नियम सख्त किए हैं। नया या फ्रेश ऑथराइजेशन तभी जारी होगा, जब कंपनी पिछले लाइसेंस के तहत मिली कुल एक्सपोर्ट देनदारी (जितना माल बाहर भेजने का वादा किया था) का कम से कम 50% पूरा कर चुकी हो।

सवाल 8: टैक्स-फ्री सोना मंगाने वाली कंपनियों की निगरानी कैसे की जाएगी?

जवाब: कंपनियों को हर 15 दिन में अपने इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट देनी होगी। इसे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से सर्टिफाइड कराना अनिवार्य होगा। क्षेत्रीय अधिकारी इसकी कंसोलिडेटेड मंथली रिपोर्ट बनाकर DGFT मुख्यालय को भेजेंगे।

सवाल 9: देश में सोने का इम्पोर्ट इस समय किस स्तर पर पहुंच गया है?

जवाब: साल 2025-26 में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट 24% से ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड $71.98 अरब पर पहुंच गया है। इस दौरान सोने की मात्रा (वॉल्यूम) में थोड़ी कमी आई, लेकिन ग्लोबल मार्केट में कीमतें बढ़ने से कुल बिल बढ़ गया। भारत सबसे ज्यादा सोना स्विट्जरलैंड से मंगाता है। इसके बाद यूएई (UAE) और दक्षिण अफ्रीका का नंबर आता है।

सवाल 10: सरकार के इन सख्त फैसलों पर ज्वेलरी इंडस्ट्री का क्या कहना है?

जवाब: ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल समेत कई इंडस्ट्री बॉडीज ने इस पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इम्पोर्ट ड्यूटी 15% करने और चांदी पर प्रतिबंध लगाने से ग्रे-मार्केट (अवैध कारोबार) सक्रिय हो सकता है। इससे सोने-चांदी की स्मगलिंग (तस्करी) बढ़ने और ईमानदार कारोबारियों को नुकसान होने की आशंका है।

सोना इस साल 25 हजार और चांदी 38 हजार महंगी

इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 25,015 रुपए और चांदी 38,080 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.58 लाख रुपए पर पहुंच गया है।

वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.69 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था।

पीएम ने एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की

प्रधानमंत्री ने कहा ‘एक समय था, जब संकट आने पर देशहित में लोग सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी।’

ऐसा क्यों कहा: पीएम मोदी ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए ये अपील की। भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99% सोना विदेशों से खरीदता है। 2025-26 में सोने का ये इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए का था। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान के कुल खर्चे में 9% हिस्सेदारी के साथ सोना दूसरे नंबर पर है।

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सोना ₹9,345 और चांदी ₹22,853 महंगी: इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% करने का असर, PM ने 3 दिन पहले कहा था- सोना न खरीदें

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बुधवार को जारी इस आदेश के बाद आज यानी 13 मई को सर्राफा बाजार में सोना 9 हजार और चांदी 22 हजार रुपए महंगी हो गई है।

10 ग्राम सोने का भाव ₹9,345 बढ़कर 1,60,977 रुपए और 1 किलो चांदी का भाव ₹22,853 बढ़कर 2,87,720 रुपए पर पहुंच गया है। सरकार का मकसद विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग के बीच सरकार ने ये फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें…



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