एडीजी डॉ. हवासिंह घुमरिया ने कहा- अपराधी के लिए खाकी में कोई जगह नहीं है। अगर कोई खाकी में अपराध करते हुए पाया गया तो बच नहीं पाएगा जो इसमें आरोपी पाया गया है, उसके बारे में प्रोपर जांच की जा रही है और मैं भी उसका फीडबैक ले रहा हूं। मैं आज आश्वस्त करता हूं कि अपराधी बिल्कुल भी नहीं बचेगा। एडीजी ने यह बात श्रीगंगानगर पुलिस रिजर्व लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। एडीजी हवा सिंह घुमरिया श्रीगंगानगर में वार्षिक निरीक्षण पर आए हुए हैं। एडीजी ने सुबह 11 बजे रिजर्व पुलिस लाइन में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली। इससे पहले सुबह 9 बजे एडीजी ने पुलिस लाइन में सेरेमोनियल परेड सलामी ली। एसीपी हरीशंकर ने एडीजी को सलामी दी। इसके बाद पुलिस लाइन का निरीक्षण किया गया और पुलिस के जवानों की समस्याएं सुनी गई। नशा पनपने से पहले ही कंट्रोल करेंगे
एडीजी हवा सिंह ने कहा- श्रीगंगानगर में बॉर्डर पर जो ड्रोन ड्रॉपिंग और नशे की गतिविधियां हो रही हैं, उस पर पुलिस लगातार काम कर रही है। केंद्रीय एजेंसियों की नजर भी गतिविधियों पर है। पुलिस के काम करने का रिजल्ट भी दिख रहा है। हम और बेहतर करने का प्रयास करेंगे जिससे नशा ज्यादा पनपने से पहले ही हम उसे कंट्रोल कर पाए। जहां तक ड्रोन रोकने की टेक्निकल बात है, तो मुझे लगता है कि बहुत जल्द हमारे पास ऐसे संसाधन होंगे, जिससे हम इस समस्या से भी निजात पा लेंगे। नशा रोकने के लिए पुलिस अधिकतम करवाई कर रही है, लेकिन मैं श्रीगंगानगर की जनता से भी अपील करता हूं कि ये (नशा) ऐसी बीमारी हमारे बीच में पनप रही है कि इसे बिना जनता के सहयोग के उखाड़ पाना मुश्किल है। मैं ये नहीं कह रहा कि नामुनकिन है, मुश्किल है। बच्चों को गुमराह होने से रोकने के लिए अवेयरनेस जरूरी
एडीजी ने कहा- जब तक परिवार, समाज, अवेयरनेस नहीं होंगे और गुमराह होने वाले बच्चे नहीं रुकेंगे तब तक इस समस्या का निराकरण नहीं होगा, इसलिए मेरा निवेदन है कि सब लोग इसमें मिलकर काम करें। ये ना सोचे कि मेरा बच्चा, बचा हुआ है। आज नहीं तो कल आपका बच्चा भी इसकी चपेट में आ सकता है। साइबर क्राइम पर बोलते हुए एडीजी ने कहा- साइबर फ्रॉड हमारे सामने एक नया चैलेंज है, जो पिछले कुछ साल में पनपा है। यह समाज के सहयोग के बिना नहीं कंट्रोल होगा। छोटे से लालच के लिए हम पागल बन रहे हैं और अपने अकाउंट किराए पर दे देते हैं। इसके लिए अधिकारियों को प्लानिंग बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। पुलिसकर्मी बैंकों के मैनेजर से बैंक के संदिग्ध एकाउंट्स की जानकारी लेंगे। हम बैंक में भी ऐसा सिस्टम बनाएंगे जिसकी जानकारी पुलिस को रहे। क्योंकि समाज में कुछ काली भेड़ें हैं जो हर जगह है। जिनके कारण ही यह सारे काम होते हैं। हम उन्हें भी आईडेंटिफाई करेंगे। हर अपराध अब रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए
एडीजी ने कहा- जो भी अपराध हो वह दर्ज होना चाहिए। अगर हम जानबूझकर मामला दर्ज नहीं करते हैं तो हम अपराधी की मदद कर रहे हैं। हम मामले की इन्वेस्टीगेशन तब करेंगे, जब एफआईआर होगी और फिर कोर्ट लेकर जाएंगे। सजा भी तब होगी जब मामला दर्ज होगा। अगर हमने मामला दर्ज ही नहीं किया तो हम अपराधी की मदद कर रहे हैं। हम निश्चित तौर पर जितने अपराध होते हैं उन्हें दर्ज करते हैं और जो वाजिब कार्रवाई बनती है वह करते हैं। हवा सिंह ने कहा- मैं संख्याओं पर ध्यान नहीं देता। गुणात्मक रूप से अच्छी कार्रवाई होनी चाहिए और उसका इंपैक्ट हो। कोई भी कार्रवाई संख्या दिखाने के लिए नहीं की जाए। पुलिस आम जनता की परेशानी के लिए नहीं है। पुलिस जनता की परेशानी मिटाने के लिए है, बढ़ाने के लिए नहीं। एडीजी ने कहा- शराब ठेके बंद होने का जो निर्धारित समय है, उसकी पालना कराई जाए। इसके लिए एडीजी ने एसपी को निर्देश दिए। जो पुलिसकर्मी इसमें शामिल होते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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