मुख्य बातें

‘एसवी एल्वरसबर्ग’ पहली बार ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई: 1907 में बना एल्वरसबर्ग जर्मन लीग में खेलने वाला सबसे छोटा और कुल 59वां क्लब बनेगा

‘एसवी एल्वरसबर्ग’ पहली बार ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई:  1907 में बना एल्वरसबर्ग जर्मन लीग में खेलने वाला सबसे छोटा और कुल 59वां क्लब बनेगा

जर्मनी के एक बेहद छोटे से कस्बे एल्वरसबर्ग ने फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा चमत्कार कर दिखाया है। महज 13 हजार लोगों की आबादी वाले इस इलाके की टीम ‘एसवी एल्वरसबर्ग’ ने पहली बार जर्मनी की सबसे बड़ी और मशहूर फुटबॉल लीग ‘बुंदेसलीगा’ के लिए क्वालिफाई किया है। इसके साथ ही एल्वरसबर्ग बुंदेसलीगा में पहुंचने वाला सबसे छोटा क्लब और यह टॉप लीग खेलने वाली जर्मनी की 59वीं टीम बन गई है। क्वालिफिकेशन के एक अहम मुकाबले में एल्वरसबर्ग ने प्रूसेन मुंस्टर को 3-0 से करारी शिकस्त दी और पॉइंट टेबल में दूसरा स्थान पक्का कर लिया। मैच के शुरुआती 15 मिनट में ही बंबासे कोंटे और डेविड मोकवा ने गोल दागकर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। दूसरे हाफ में मोकवा ने एक और गोल कर टीम की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी। 1907 में बनी यह टीम 2021-22 तक जर्मनी की चौथी लीग (फोर्थ टियर) में खेलती थी। पिछले 5 सालों में यह उनका तीसरा प्रमोशन है। पिछले सीजन (2024-25) में भी वे बुंदेसलीगा में जाने के बेहद करीब थे, लेकिन प्लेऑफ के 95वें मिनट में हीडेनहाइम से गोल खाकर उनका दिल टूट गया था। उस झटके के बाद उनके सफल कोच होर्स्ट स्टीफन और 5 प्रमुख खिलाड़ी टीम छोड़कर चले गए थे। लेकिन नए हेड कोच विन्सेंट वैगनर ने हार नहीं मानी। उन्होंने हॉफेनहाइम से लोन पर आए बंबासे कोंटे, विंगर लुकास पेटकोव (13 गोल, 7 असिस्ट) और जनवरी में 16 करोड़ में खरीदे गए स्ट्राइकर डेविड मोकवा जैसे युवा खिलाड़ियों के दम पर नया इतिहास रच दिया। शहर में कोई रेलवे स्टेशन नहीं, सिर्फ तीन बेकरियां स्पाइसन-एल्वरसबर्ग की कुल आबादी 13,000 है, लेकिन मूल एल्वरसबर्ग गांव में सिर्फ 7,000 लोग रहते हैं। इस कस्बे में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है और गिनती की सिर्फ तीन बेकरियां हैं। दिलचस्प बात यह है कि यहां के स्टेडियम की क्षमता (10,000) कस्बे की आबादी से भी ज्यादा है। अब बुंदेसलीगा के कड़े नियमों के तहत 2027 तक इस क्लब के स्टेडियम की क्षमता को बढ़ाकर 15,000 किया जा रहा है, ताकि तय मानक पूरे हो सकें।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *