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जिस दिन 150 महिलाओं ने छुट्टी ली उसी दिन धमाका: देवास विस्फोट वाले दिन गांव के राम मंदिर में थी प्राण प्रतिष्ठा, महिलाएं बोलीं- भगवान ने बचाया – Dewas News

जिस दिन 150 महिलाओं ने छुट्टी ली उसी दिन धमाका:  देवास विस्फोट वाले दिन गांव के राम मंदिर में थी प्राण प्रतिष्ठा, महिलाएं बोलीं- भगवान ने बचाया – Dewas News

देवास जिले के टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे से जुड़ा अनोखा संयोग सामने आया है। बताया जा रहा है कि गांव की डेढ़ सौ से अधिक महिलाएं प्रतिदिन इस फैक्ट्री में काम करने जाती थीं, लेकिन हादसे वाले दिन अधिकांश महिलाएं गांव के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के कारण काम पर नहीं गई थीं। दरअसल देवास जिले के टोंककलां इलाके में 14 मई गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गईं। वहीं 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। महिलाएं बोलीं- भगवान की कृपा से बच गई जान गांव की कई महिलाएं इस घटना को भगवान राम की कृपा मान रही हैं, जिसने उन्हें उस दिन फैक्ट्री जाने से रोक दिया। हालांकि, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की मौत और सोशल मीडिया पर सामने आए भयावह दृश्य महिलाओं के मन में गहरी दहशत छोड़ गए हैं। पहले से छुट्टी लेने के कारण बचीं कई महिलाएं ग्रामीण सरिता मालवीय ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही कंपनी को सूचित कर दिया था कि गांव में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है, इसलिए वे काम पर नहीं आ सकेंगी। उन्होंने कहा, “अब लगता है कि भगवान ने ही बचा लिया, लेकिन हादसे के बाद जो तस्वीरें और वीडियो देखे, उन्हें भूल नहीं पा रहे हैं। जहां हम बैठकर पटाखे पैक करते थे, वह जगह पूरी तरह तबाह दिखी, उसे देखकर रूह कांप जाती है।” हादसे के बाद महिलाओं में डर और सदमे का माहौल सरिता जैसी कई महिलाओं ने बताया कि हादसे के बाद से रात में भी वही भयावह दृश्य उनकी आंखों के सामने घूमता रहता है। जहां एक ओर उन्हें उस दिन न जाने की राहत है, वहीं दूसरी ओर अपने साथ काम करने वाले मजदूरों की मौत का गहरा दुख भी है। गांव में चर्चा का केंद्र बना हादसा दैनिक भास्कर की टीम जब कलमा गांव पहुंची, तो गांव के चौराहे और मंदिर परिसर में इसी हादसे की चर्चा हो रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि रोज सुबह 9 बजे महिलाएं खुशी-खुशी फैक्ट्री के लिए निकलती थीं, लेकिन उस दिन मंदिर में भंडारा और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के कारण अधिकांश महिलाओं ने पहले से छुट्टी ले रखी थी। ग्रामीण वीरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि गांव से करीब डेढ़ सौ महिलाएं फैक्ट्री में काम करने जाती थीं और हादसे वाले दिन मंदिर कार्यक्रम के कारण अधिकांश महिलाएं कार्य पर नहीं गईं। मंजू बमानिया ने कहा, “भगवान की कृपा रही कि हम नहीं गए, लेकिन जो साथी हादसे का शिकार हुए, उनका मंजर अब भी नहीं भूल पा रहे हैं।”

इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… एमपी में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 5 की मौत: मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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